…अपनाएं ये टिप्स, आपके बच्चे बनेंगे आदर्श नागरिक

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अक्सर देखने में आता है कि छोटे बच्चे अपने जन्मदाता यानि माता-पिता को देखकर बहुत कुछ सीखते हैं, जैसे आदतें, बोल-चाल, तौर तरीके आदि। बच्चों के समक्ष उनके माता-पिता उदाहरण होते हैं और मुश्किल पड़ने पर बच्चे उनके द्वारा बताए गए मार्गदर्शन का प्रयोग भी करते हैं। इस तरह छोटी आयु से ही बच्चों को इसकी आदत पड़ जाती है। जैसे-जैसे बच्चे उम्र के अगले पड़ाव की ओर बढ़ते हैं, वे माता-पिता के व्यवहार और कार्यों का अनुसरण करने लग जाते हैं। ऐसे ही माता-पिता की बुद्धिमता और आदतें भी बच्चों में आ जाती है। इसलिए बच्चों को अच्छी और बुरी आदतों के बीच का अन्तर समझाना बेहद जरूरी है।

1. बच्चों को फास्ट फूड की बजाय स्वास्थ्यवर्धक घर का भोजन खाने की आदत डालें।
2. बच्चों को हमेशा बैठने के लिए न कहें बल्कि उन्हें मेहनत के कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करें और हो सके तो उनका मार्गदर्शन भी करें।
3. परिवार के सभी सदस्य प्रेमभाव से एक साथ भोजन करें। इससे बच्चों के दिल में अपनेपन की भावना बढ़ेगी और उनके अंदर सौहार्द भाव बढ़ेगा।
4. बच्चों को स्वच्छता रखने और अपनी चीजें व्यवस्थित ढंग से रखने के लिए प्रेरित करें और प्रेम से समझाकर इसकी आदत डालें।
5. जैसे ही आपके बच्चे जिम्मेदार बन जाएं तो उन्हें पैसे देकर घरेलू वस्तुएं खरीदने के लिए भेजें और मेहनत से कमाए गए पैसे का मूल्य भी समझाएं, ताकि वे फिजूलखर्ची से बचे रहें।
6. बच्चों के अंदर इन्सानियत का भाव भरें यानि उन्हें अपनी चीजें दूसरों से शेयर करना सिखाएं। ताकि वे जरूरतमंदों की मदद करने को प्रेरित हों।
7. विनम्रता का भाव हर जगह प्रशंसा पाता है, इसलिए बच्चों के सामने हमेशा विनम्रता का भाव प्रकट करें और उन्हें ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
8. बच्चों में प्रकृति के प्रति सजगता का भाव भरें यानि जानवरों, पक्षियों के बारे में उन्हें विस्तार से जानकारी दें और समझाएं कि ये भी हमारी तरह इस प्रकृति का हिस्सा हैं, इनसे हमेशा प्रेम करें।
9. बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना सिखाएं और नियमित व्यायाम और योगाभ्यास के लिए प्रेरित करें।
10. बच्चों को बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श और सम्मान व प्रेम का भाव रखना सिखाएं, ताकि वे आदर्श नागरिक बनें।

 

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