Friends Optical and Eye Care
Breaking News

2 साल बिना कसूर जेल में गुजारने की भरपाई कौन करेगा?

देश में कानून की किताब बहुत सलीके से लिखी गई है। जहां किसी को जेल की सलाखों के पीछे तब तक नहीं रखा जा सकता जब तक वह दोषसिद्ध न हो। आरोपी को जमानत का अधिकार है। लेकिन उदाहरण दिए जाएं तो किताबें भर जाएंगी और न जाने कितनी कहानियां लिखी जा सकती है जहां महज आरोपों के आधार बिना दोषसिद्धी जेल में जिंदगी के अहम साल गुजारने के लिए लोगों को मजबूर होना पड़ा है, यहां तक कि बहुत से केसों में कइयों की तो बिना कसूर के जेल में जिंदगी गुजर गई।

हनीप्रीत बहन को पंचकूला हिंसा के बाद विलेन के रूप में पेश किया गया और सरकार ने दबाव में आकर उन पर देशद्रोह की धारा ठोक दी। एक बेकसूर लड़की को जेल में डाल दिया गया, न तो कोई ह्यूमन राइट वाला आवाज उठाने पहुंचा न चौथे पिल्लर ने सच दिखाने, खोजने की कोशिश की। लेकिन समय एक सा नहीं रहता हनीप्रीत बहन के खिलाफ देशद्रोह साबित करने के लिए पुलिस को कोई सबूत नहीं मिले तो कोर्ट ने देश द्रोह की धारा हटाई और आज 2 साल के बाद उन्हें जमानत मिली है।

कुछेक लोग इसे खुशी और जश्न के रूप में देख रहे हैं, ऐसे लोगों से मेरा सवाल है कि जश्न और खुशी काहे की? एक इंसान जिसका कसूर नहीं था उसे दो साल जेल में गुजारने पड़े। जमाने ने भी पता नहीं क्या-क्या कहा, उसकी भरपाई सरकार, समाज और चौथा पिल्लर कैसे करेगा? अदालतों की लंबी प्रकियाओं में इंसान को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना इतनी होती है कि अगर वह हल्के-फुल्के मानसिक स्तर का हो तो टूट जाता है। लेकिन जो लोग हार नहीं मानते और अपनी बेगुनाही साबित करने में जुट जाते हैं वे उदाहरण बनते हैं।

हनीप्रीत इन्सां उन लोगों के लिए एक उदाहरण है जो बेकसूर है लेकिन अपना हौंसला खोए बैठे हैं और जेलों में कानून की कमजोरियों और बेपरवाहियों के कारण बंद हैं। लेकिन ऐसे बेकसूर भी यदि कल रिहा होते हैं तो खुशी और जश्न किस बात का? सवाल उनकी जिंदगी के उन मूल्यवान सालों का है जो बिना कोई कसूर उन्हें जेल में काटने पड़े। आज केवल बहन हनीप्रीत इन्सां ही नहीं बल्कि हर जगी हुई आंख इस बात का सवाल सरकार व कानून से करती है कि बेकसूर होते हुए भी देशद्रोह के आरोप में जेल में बिताए उनके एक-एक पल की भरपाई कौन करेगा?

अनिल कक्कड़

 

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करे।

लोकप्रिय न्यूज़

To Top