अजित डोभाल ने सड़कों पर लोगों से की बात
नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पार्टी के अन्य नेता दिल्ली हिंसा पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन सौंपने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में दंगे होते रहे और केंद्र सरकार मूकदर्शक बनी रही। हमने राष्ट्रपति से देश में लोगों की जिंदगी, आजादी और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है। हमने गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की है।
उत्तर पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ फैली हिंसा में वीरवार को मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। कल हाई कोर्ट की फटकार के बाद केंद्र और राज्य सरकार एक्शन में आई है, बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर दिल्ली की सड़कों पर उतर लोगों से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया। दिल्ली हिंसा में मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
- गुरुवार सुबह गुरु तेग बहादुर अस्पताल की ओर से नया आंकड़ा जारी किया गया है।
- अस्पताल के अनुसार, अबतक दिल्ली हिंसा में 34 लोगों की मौत हो गई है।
- कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी नेताओं के भड़काऊ भाषण की वजह से दिल्ली में हिंसा हुई।
- विडियो के आधार पर उन नेताओं पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
- फायर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने बताया कि नॉर्थ ईस्ट दिल्ली से रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक 19 फोन कॉल आईं।
राजधानी दिल्ली में हिंसा थमी, अब शांति
दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी मंदीप सिंह रंधावा ने कहा कि पुलिस हिंसा करने वाले उपद्रवियों की पहचान करने के लिए जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जिले में हालात नियंत्रण में हैं और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
अदालत की फटकार के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस
दिल्ली हिंसा पर बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई, इस दौरान अदालत ने दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े किए। कोर्ट की फटकार के बाद पुलिस एक्शन में आई और अबतक 18 एफआईआर दर्ज की गई, 106 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हाई कोर्ट ने इस दौरान बीजेपी नेता कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा के बयानों को अदालत में चलवाया।
अमेरिका और रुस ने अपने नागरिकों के लिए परामर्श जारी किया
- हिंसा के मद्देनजर अमेरिका और रूस ने अपने नागरिकों सतर्कता बरतें।
- हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है।
- अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया।
- अमेरिकी नागरिकों को प्रदर्शनों तथा कर्फ्यू संभावित के लिए स्थानीय मीडिया अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दी है।
- उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर सतर्कता बरतने और प्रदर्शन सभी क्षेत्रों से परहेज करना चाहिए।
- रूस ने अपने नागरिकों को सावधान रहने के लिए कहा है।
- बड़ी सभाओं और हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचने के लिए कहा है।