जमीन बचाने के लिए आंदोलन करने पड़ेंगे: चौ.राकेश टिकैत 

Ghaziabad
Ghaziabad जमीन बचाने के लिए आंदोलन करने पड़ेंगे: चौ.राकेश टिकैत 

गाजियाबाद (सच कहूँ /रविंद्र सिंह)।   जितनी भी सरकार की पॉलिसी आ रही है, उसका जो  गुणा भाग है, ये समझना पड़ेगा। गुणाभाग यह है कि हम फसल कोई भी पैदा कर लो  हम उसके लिए आंदोलन करते है।दिन में जिंदाबाद ,मुर्दाबाद , अधिकारियों के यहां करते है।  मंडी में हमारी फसलें बिकती नहीं  है और बिकती है  तो  सही रेट नहीं मिलता। अगर  कोई आदमी अपनी जमीन बेचे तो रात के अँधेरे में भी बीक जाएगी,बस आप कीमत बोलो। ये गणित समझ में नहीं आया कि पैदा होने वाली फैसले सस्ते रेट में भी नहीं बिकती।  और हमारी जो जमीन है वो महंगे रेट में बिक रही है।यह बातें गाजियाबाद के गांव पतला में आयोजित किसान पंचायत में कही। उन्होंने कहा कि  हम आगे 40 -70 वर्ष आगे जाए ,2060 -70 में  तो तब क्या होगा। क्या देश के आनाज और  कृषि पर बड़ी कम्पनिया पाना कब्जा करना चाह  रही है।  कैसे कृषि क्षेत्र को घेरा जा रहा है, वो बीज के माध्यम से हो ,वो लेबर के माध्यम से हो,ये  एक ही साथ सरे काम चल रहे है, पहले हम लोकल बीज बोते थे, फिर  हाइब्रिड आ आये।

अब हाइब्रिड से आगे क्या आ गया  आपको पता नहीं ,हाइब्रिड से आगे आ गया , अब जेनेटिकली  मोडिफाइड बीज  (जएमसीड),जो अभी कपास में आया है ,महाराष्ट्र ,पंजाब में आया। इसका असर पशुओं में बांझपन आया। उसके बाद दुग्ध की पॉलिसी आ गई। बाहर की कम्पनी है भारत सरकार एक पॉलिसी लेकर आ रहा है कि दुग्ध बाहर से आएगा। बड़ी  कम्पनी ने कहा की दस रुपया लीटर बहरत सरकार हमे देगी तो आप दुग्ध बाहर से मंगा लो। उन्होंने कहा की गांव में अगर मोल का दुघ सस्ता है ,अपने घर का अपने पशु का दुग्ध महंगा पड़ता है। टर्की देश में 25-30  साल पहले पशु सब ख़त्म हो गए वहां यूरप से  दुग्ध आता है। इसी तरह भारत में भी पशुधन खत्म होगा। जमीन हमारी व्यापारियों के पास जाएगी। लेबर एक्ट में संशोधन कर दिए। यहां पर बड़ी इंडस्ट्री लगेगी तो उसके लिए लेबर चाहिए औरलेबर गांव से आएगी , लेबर जब मिलेगी जब कृषि क्षेत्र डिस्टर्बे कर  देंगे। ये सब मकड़ जाल है। इसमें उलझे हुए।

फसलों के दाम बढ़ाने के लिए हमने आंदोलन छोड़ दिए:टिकैत

 किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि फसलों के दाम   बढ़ाने के लिए हमने आंदोलन छोड़ दिए है। और कर्ज की तरफ चले गए, आज कोई आदमी ऐसा नहीं जिस पर कर्जा  नहीं। उन्होंने कहा कि अपनी जमीने बेचना बंद करो। गुजारा करने के लिए नौकरी ही करो। लेकिन जमीन न बच्चों। कहा कि जिस आदमी ने आने वाले  30 साल जमीन रोक ली, उससे बड़ा राजा नहीं होगा। अभी अमेरिका एक डेलिगेशन आया, उसने समझौते करने चाहे, वे समझौते होंगे तो देश का किसान मरेगा। बाहर की फसल आने से किसान बर्बाद होगा। उन्होंने युवाओं को भी नशे पत्ते से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहाकि  किसान को अपने खर्चे कम  करके आमदनी बढ़ानी होगी। किसान को जमीन बचाने के लिए आंदोलन करने पड़ेंगे। उन्होंने संगठन को मजबूत करने की अपील की। इससे पूर्व उन्होंने गांव पतला में बाबा पर प्रसाद चढ़ाया। जोकि 13 महीने चले किसान आंदोलन के दौरान बोला गया था। भाकियू पदाधिकारियों ने मोदीनगर राज चौपाला ,निवाड़ी ,पतला गांव में उनका भव्य स्वागत किया। इस मौके पर सकैड़ों की संख्या में पतला गांव के गणमान्य लोग और भाकियू जिला अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों भाकियू  पदाधिकारी मौजूद  रहे।