वॉइस चेयरमैन ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली

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Vice chairman commits suicide by shooting himself

समालखा…(सन्नी कथूरिया) समालखा पानीपत मैं आज एक दिल दहलाने वाली घटना घटित हुआ कॉरोना महामारी के चलतॆ बिजनेस मे घाटा होने के वजह से मार्केट कमेटी के (Vice chairman commits suicide) वॉइस चेयरमैन ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली है! कारोबार में घाटा होने की वजह से डिप्रेशन में आकर के आत्महत्या कर ली।

कारोबार में घाटा बना वजह

मुल ग्राम जोरासी के रहने वाले हरपाल सिंह समालखा पन्चवटी कालोनी में रहते थे! जेसा कि मार्केट कमेटी वाइस चेयरमैन हरपाल सिंह ने खुद की अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से अपने सिर में गोली मार ली । गोली लगने के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया लेकिन अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दीया प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले सात-आठ महीनों से लोकडाउन लग जाने के वजह से उनका कारोबार काफी प्रभावित हुआ था ! प्रॉपर्टी डीलर का कारोबार था हरपाल सिंह का अभी के हालात मे प्रॉपर्टी के कारोबार में काफी उतार चढाव आ जाने के वजह से उन्हें काफी नुकसान हो गया था ! नुकसान का सदमा सहन नहीं कर पाए! पुलिस शव को कब्जे मे लेकर के जाच में जुट गयी है ! मृतक की पत्नी ने बताया कि उसने गोली मारकर आत्महत्या की है।

पुलिस तथा एफएसएल की टीम ने मौके का निरीक्षण किया

सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस तथा एफएसएल की टीम ने मौके का निरीक्षण करते हुए जांच के लिए नमूने एकत्रित किए। वहीं शाम को पोस्टमार्टम करवाने के बाद पैतृक गांव जौरासी के शमशानघाट में समाजसेवी का अंतिम संस्कार किया गया। चौकी इंचार्ज राजकुमार मलिक का कहना है कि फिलहाल 174 की कारवाई करते हुए शव पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम व विसरा रिपोर्ट आने के बाद आगे की कारवाई की जाएगी। शहर में कोलोनियों का निर्माण कर आधुनिक समालखा की रखी नींव । करीब 20-25 वर्ष पहले समालखा की पूर्व दिशा की तरफ कोलोनियों के निर्माण में उनकी अहम भूमिका रही। उन्होंने अपने मित्र के साथ मिलकर आधा दर्जन भर कालोनियां काटी। जहां आज हजारों परिवार रह रहे हैं।

हरपाल जौरासी का पूर्व विधायक रविन्द्र मच्छरौली के साथ घनिष्ठ सम्बंध थे और विधायक का दाहिना हाथ कहा जाता था। इसके साथ ही रविन्द्र मच्छरौली ने ही हरपाल को मार्किट कमेटी का चेयरमैन बनवाया था। हरपाल जौरासी मिलनसार स्वभाव के थे और लोगों से उनका अपनापन ही था कि उनके निधन की सूचना लगते ही पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। सुबह ही पंचवटी कालोनी में उनके निवास पर परिवार को सांत्वना देने के लिए लोग पहुंचने लगे।

लाइसेंसी पिस्‍तौल मिली

हरपाल की मौत उनकी अपनी ही लाइसेंसी पिस्‍तौल से हुई है। स्‍वजन शव को सिविल अस्‍पताल पानीपत लेकर आए हैं। पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इसी से पता चलेगा कि मौत की असल वजह क्‍या थी।

जमा होने लगे लोग

हरपाल की मौत की खबर मिलते ही उनके निवासी के बाहर लोग जमा होने लगे हैं। हर कोई कह रहा है कि हरपाल इतनी जल्‍दी उन्‍हें छोड़कर चले गए। कोई भी काम होता था तो लोग उनके पास पहुंचते थे। मार्केट कमेटी में उन्‍होंने काफी सुधार कार्य करवाए। रवींद्र मच्‍छरौली के साथ रहते हुए बजट लेकर आए थे।

भाजपा ने दो नेता खोए

पानीपत में दो नेताओं की जान चली गई है। पहले हरीश शर्मा ने नहर में छलांग लगाकर जान दे दी। भाजपा नेता हरीश शर्मा की तहसील कैंप में बड़ी पकड़ थी। उनके अंतिम संस्‍कार में हजारों लोग पहुंचे। अब समालखा में भाजपा नेता की मौत हो गई। भाजपा को संगठन के तौर पर भी बड़ी क्षति पहुंची है।

 

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