हमसे जुड़े

Follow us

31.3 C
Chandigarh
Friday, March 13, 2026
More
    Home विचार प्रेरणास्रोत अमेरिका का अं...

    अमेरिका का अंतरिक्ष विमान मैरिनर-9

    US space aircraft Mariner-9

    अमेरिकी अंतरिक्ष यान (Mariner-9) मैरिनर-9 पहला अंतरिक्ष विमान था जिसने किसी दूसरे ग्रह पर दस्तक दी। 13 नवंबर 1971 को इसने मंगल की कक्षा में प्रवेश किया। भारत का मंगलयान इस समय अंतरिक्ष यात्रा पर है। मंगल पर अंतरिक्ष यान भेजने की दिशा में आज का दिन बेहद अहम है। मंगल पर पहला मानव रहित यान मैरिनर-9 नासा ने 30 मई 1971 को अंतरिक्ष में भेजा था। आज के दिन 1971 में मैरिनर-9 ने मंगल की कक्षा में प्रवेश किया और उसके चारों तरफ चक्कर लगाना शुरू किया।

    मैरिनर-9 पर लगे कैमरों ने मंगल की 7,329 तस्वीरें लीं। 27 अक्टूबर 1972 को इस विमान से संपर्क खत्म हो गया। इसके बाद सोवियत विमान मार्स-2 मंगल ग्रह वापस लौटा, लेकिन 20 सेकंड बाद ही उसमें खराबी गई। खास भारत का मंगलयान 5 नवम्बर 2013 को श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक छोड़ा गया था। यान अब तक मंगल के 388 चक्कर लगा चुका है। यह पहली बार था जब वैज्ञनिकों को किसी दूसरे ग्रह की साफ तस्वीरें मिली हों। तस्वीरों के जरिए पता चला कि मंगल पर कई ज्वालामुखी उठते हैं, जो कि धरती पर मौजूद ज्वालामुखियों से कहीं बड़े हैं।

    एक ज्वालामुखी की उंचाई धरती के औसत ज्वालामुखी से दोगुना थी। इन तस्वीरों से ही मंगल पर पानी मौजूद होने के बारे में भी पता चला। मैरिनर-9 की मदद से मंगल पर जीवन की संभावना के बारे में उम्मीद जगी। मंगल के बारे में वैज्ञानिकों की धारणा बदली और कई रिसर्चों को नई दिशा मिली। 2022 तक मैरिनर-9 मंगल की कक्षा में ही रहेगा। उसके बाद वह काम करने की स्थिति में नहीं रहेगा।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।