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नहीं देंगे 134-ए के तहत बच्चों को स्कूलों में दाखिले

under 134-A to enroll in schools

 सरकार व प्रशासन ने नाजायज दबाव बनाया तो जड़ देंगे स्कूलों को ताले

कैथल (सच कहूँ न्यूज)। प्राइवेट स्कूल वैल्फेयर एसोसिएशन के राज्य सचिव वरुण जैन ने ऐलान किया गया है कि अगर सरकार एवं जिला प्रशासन ने उन पर 134ए के तहत दाखिला करने का अनावश्यक दबाव बनाया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि 3 साल की बकाया राशि जब तक उन्हें नहीं मिलेगी तब तक वह किसी भी सूरत में किसी भी बच्चे को 134-ए के तहत दाखिला नहीं देंगे।  एसोसिएशन के राज्य सचिव वरुण जैन, जिला प्रधान राजेश मुंजाल कैथल में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

उनका कहना था कि शिक्षा विभाग के आला अधिकारी उन्हें 3 साल से गुमराह कर रहे हैं और कह रहे हैं कि 134-ए के तहत सरकार की ओर से दिए जाने वाली राशि उन्हें शीघ्र दे दी जाएगी लेकिन 3 साल से उन्हें राशि नहीं बल्कि कोरे आश्वासन मिल रहे हैं। इसीलिए उन्होंने निर्णय लिया गया है कि जब उन्हें यह बकाया राशि नहीं मिल जाती तब तक वे इस सत्र में 134ए के तहत किसी भी छात्र को अपने स्कूलों में दाखिला नहीं देंगे। राज्य सचिव वरुण जैन ने कहा कि अब वह सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड़ में हैं इसके लिए बेशक उन्हें अपने स्कूलों को ताले ही क्यों न लगाने पड़े। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर सरकार ने प्राइवेट स्कूलों पर दवाब बनाया तो वे स्कूलों को ताले लगा देंगे।

तीन साल का बकाया दो, एडमिशन लो

एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक विजय कांसल, जिला महासचिव हरपाल आर्य, डिप्टी चेयरमैन महीपाल कौशिक ने हम पिछले तीन वर्ष से 134-ए के तहत उनके स्कूलों में जो बच्चे तीन साल से पढ़ रहे हैं उनकी मुआवजा राशि तुरंत दी जाए। बार बार अग्रह करने के बाद भी उन्हें मुआवजा राशि नहीं मिली है। इससे स्कूल संचालकों में निराशा है और मजबूरी में उन्होंने यह निर्णय लिया है कि वे 134-ए के तहत किसी भी बच्चे को दाखिला नहीं देंगे।

उन्होंने कहा कि इस सत्र में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जो लिस्ट जारी हुई है उसमें शामिल किसी भी बच्चे को वो दाखिला नहीं देंगे। अगर सरकार सरकार चाहती है कि इन बच्चों को प्राइवेट स्कूलों द्वारा पढ़ाया जाए तो पहले तीन साल का बकाया दो और फिर एडमिशल लो। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों का ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर डीसी व मुख्यमंत्री तक को मिल चुके हैं लेकिन उन्हें आज तक कोरे आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला।

सरकार व स्कूलों की लड़ाई में अधर में लटका बच्चों का भविष्य

प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा 134-ए के तहत स्कूल अलॉट होने के बाद भी बच्चों को स्कूलों में दाखिला नहीं दिया जा रहा है। इससे बच्चों के अभिभावकों में गुस्सा है। अभिभावकों का कहना सरकार व स्कूलों की इस लड़ाई में उनके बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। स्कूल में डेढ़ माह से बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं उधर उनके बच्चों को अब तक दाखिला नहीं मिला। उनका कहना है कि वे अपने बच्चों के दाखिले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर डीसी के कार्यालयों के कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्हें आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला।

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