इंटरनेट के युग में हमे साइबर धोखाधड़ी के प्रति सजग रहना चाहिए – अमित कुंडू

उकलाना थाना टीम ने पाठशाला यूनिवर्शल स्कूल, बिठमडा में विधार्थियो को किया साइबर क्राइम और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक

उकलाना। (सच कहूँ/कुलदीप स्वतंत्र) पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह, आईपीएस के निर्देशानुसार थाना उकलाना पुलिस टीम ने पाठशाला यूनिवर्शल स्कूल, बिठमडा में विधार्थियो को किया साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया। उप निरीक्षक अमित कुंडू ने विद्यार्थियो और अध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि इंटरनेट के युग में हमे साइबर धोखाधड़ी के प्रति सजग रहना चाहिए। साइबर अपराधी हर रोज ठगी के नए – नए तरीके अपना रहे है। थोड़ी सी सावधानी से हम साइबर ठगी से बच सकते है। ऑनलाइन खरीददारी करते समय हमे निम्न सावधानियां रखनी चाहिए:-

कभी भी अंजान वेबसाइट से ऑनलाइन शॉपिंग न करें। कभी भी ऐसे ऑनलाइन विक्रेताओं से कुछ भी न खरीदें जो केवल उपहार कार्ड, धन हस्तांतरण आदि द्वारा भुगतान स्वीकार करते हैं, क्योंकि ऐसे भुगतानों का पता लगाना और रिवर्स करना लगभग असंभव है। अज्ञात साइटों को कभी भी अग्रिम भुगतान न करें, क्योंकि भुगतान हो जाने के बाद उत्पाद मिलने की संभावना न के बराबर होती है । हमेशा सुरक्षित वेबसाइटों से खरीदारी करें। यह सुनिश्चित करें कि वेबसाइट चेकआउट ब्राउज़र में एक छोटा लॉक आइकन या ‘https’ दिखाएं, यह दर्शाता है कि लेनदेन सुरक्षित हैं। कभी भी संवेदनशील, व्यक्तिगत या मालिकाना जानकारी (आधार या पैन कार्ड) ईमेल के माध्यम से अज्ञात लोगों को न भेजें।

नौकरी पाने के लिए कभी भुगतान न करें, वास्तविक फर्म कभी जमा नहीं मांगती । छोटे URLS से सावधान रहें, अज्ञात स्रोतों से Google फ़ॉर्म पर मांगी गई जानकारी को सुनिश्चित करे । ईमेल, एसएमएस और पोर्टल में खराब वर्तनी, गलत स्पेलिंग की तलाश करें।व्यक्तिगत जानकारी मांगने वाले लिंक/फॉर्मों से सावधान रहें। किसी भी ऑफ़र को एक्सेप्ट करने से पहले उसकी वास्तविकता को परखे । कोई भी भुगतान/प्रतिबद्धता करने से पहले हमेशा वसूली एजेंटों की पहचान सुनिश्चित करें। जाँच करें कि क्या एजेंट के पास बैंक या एजेंसी फर्म द्वारा जारी किए गए पहचान पत्र के साथ बैंक से वसूली नोटिस और प्राधिकरण पत्र की एक प्रति है। आप फोन पर होम ब्रांच से क्रॉस वेरिफाई भी कर सकते हैं।

ओटीपी का उद्देश्य जानने के लिए पूरा एसएमएस पढ़ें। किसी नकली ऐप/वेबसाइट द्वारा धोखाधड़ी किए जाने की स्थिति में, आगे के लेन-देन को रोकने के लिए कार्ड/खाता/यूपीआई सेवा को ब्लॉक करने के लिए तुरंत अपने बैंक को कॉल करना चाहिए। इसके साथ ही किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड से पीड़ित होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930, साइबर क्राइम पोर्टल https://cybercrime.gov.in और नजदीकी पुलिस थाना में सूचना दें। साइबर सुरक्षा के साथ उप निरीक्षक अमित कुंडू ने विधार्थियो को सड़क सुरक्षा के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि में ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए। ट्रैफिक नियमों की पालना कर हम अपने साथ दूसरो के जीवन को भी बचा सकते है।

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