धान के अनधिकृत और हाइब्रिड किस्मों के बीज भी नहीं होंगे स्वीकृत
- पीआर 126 सहित कम समय वाली धान की किस्मों को प्राथमिकता दें किसान | Patiala News
- राइस मिलर्स एसोसिएशन ने कहा, पीआर 126 किस्म से कोई परेशानी नहीं
पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर तूर)। Patiala News: पंजाब सरकार की ओर से अधिक समय लेने वाली धान की किस्म पूसा 44 पर पूरी सख्ती की जाएगी, जबकि किसानों को कम समय में पकने वाली धान की किस्मों को प्राथमिकता देने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही कृषि विभाग ने धान के अनधिकृत और हाइब्रिड बीजों से बचने की सलाह दी है। इधर, बीज बेचने वाले डीलरों पर भी सरकार की ओर से शिकंजा कसा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस बार पंजाब में धान की बुआई का समय 1 जून से शुरू किया जा रहा है, जो पंजाब में चार चरणों में पूरा होगा।
मालवा के कई जिलों में किसानों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि 1 जून को अगेता बीज पूसा 44 का ही समय है, इसलिए इस बीज पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। पूसा 44 सबसे अधिक समय लेने वाली और पानी को खत्म करने वाली किस्म है, जो पंजाब के लिए पहले ही घातक साबित हो चुकी है।
विभिन्न टीमों का किया गठन: डॉ. जसविंदर
मुख्य कृषि अधिकारी पटियाला डॉ. जसविंदर सिंह ने बताया कि अप्रैल माह में लगाए जाने वाले विभिन्न शिविरों के माध्यम से प्रमाणित किस्मों के बीजों के बारे में किसानों को जानकारी दी जा रही है और अनधिकृत किस्मों के बीजों की बिक्री को रोकने के संबंध में ब्लॉक स्तर पर विभिन्न टीमों का गठन किया गया है। बीज डीलरों को निर्देश दिया गया है कि सीड एक्ट 1966 के तहत कोई भी बीज प्राप्त होने पर संबंधित बीज निरीक्षक को सूचना दी जाए। यदि किसी बीज डीलर द्वारा किसानों को अधिक दर पर या कालाबाजारी के जरिए बीज दिया जाता है, तो उसके खिलाफ सीड एक्ट 1966 के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।
बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई | Patiala News
इन किस्मों की बुआई करें किसान
कृषि विभाग द्वारा भी कम समय में पकने वाली और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना तथा कृषि विभाग द्वारा स्वीकृत पीआर 126, 127, 128, 129, 130, 131 और 132 किस्मों की बुआई के लिए जागरूक किया जा रहा है। पीआर किस्में पानी की बचत के लिए अधिक कारगर हैं, क्योंकि मालवा के कई क्षेत्र पानी की कमी के मामले में खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके हैं।
सरकार की पाबंदी बिल्कुल सही
राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष तरसेम सैनी का कहना है कि सरकार ने हाइब्रिड बीजों पर प्रतिबंध लगाकर अच्छा काम किया है, क्योंकि इसका चावल बहुत टूटता है, जिससे काफी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि पीआर 126 धान की किस्म से सेलर मालिकों को कोई परेशानी नहीं है।
पूसा-44 किस्म पर पाबंदी, पीआर किस्में बोएं किसान: डायरेक्टर
पंजाब कृषि विभाग के डायरेक्टर जसवंत सिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि पूसा 44 धान की किस्म पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया हुआ है और इस बार भी इस किस्म की बुआई नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी कृषि अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि पूसा 44 सहित हाइब्रिड बीजों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि कल होशियारपुर में बीज डीलरों की जांच की गई, जबकि लुधियाना में बीज डीलर एसोसिएशन के साथ बैठक कर हाइब्रिड और पूसा 44 के बीजों पर प्रतिबंध के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि पीआर 126 सहित कम समय वाली किस्मों के बीज ही किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे और बीज डीलरों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। Patiala News
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