पंजाब

अध्यापकों की कड़ी मेहनत की बदौलत संवरने लगा देश का भविष्य

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श्री मुक्तसर साहिब।

जिला श्री मुक्तसर साहिब विधानसभा हलका लंबी के गांव सरावां बोदला की ढ़ाणी गोबिंद नगरी में स्थापित स्कूल सुविधाआें, सरकारी प्राईमरी स्कूल अपने मेहनती स्टाफ, पढ़ाई के ऊंचे स्तर के कारण इस कदर मशहूर हो गया है कि गांव के इस स्कूल में आसपास के चार गांवों के अलावा मलोट शहर से भी बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। स्कूल की प्रेरणादायक कहानी सांझी करते स्कूल प्रमुख सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि उन्होंने 2007 में यहां अध्यापक के तौर पर सेवा शुरु की थी व इस स्कूल को एक मिशन के तौर पर लेते उन्होंने अपने साथी अध्यापक अर्जन सिंह के साथ इस स्कूल को उच्च स्थान पर पहुंचाया है।

यह स्कूल खेतों में गांव की आबादी से दूर है और 2007 में यहां केवल 10 विद्यार्थी थे, परंतु इन अध्यापकों की लग्न ने स्कूल में पढ़ाई का स्तर इस स्तर तक ऊंचा किया कि अब यहां कबरवाला, सरावांबोदला, भगवानपुरा, गांव मलोट के अलावा मलोट शहर के बच्चे भी दाखिला लेने के लिए पहुंच रहे हैं और अब यहां कुल 55 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि इस स्कूल में बच्चों को लाने के लिए उन्होंने अपनी कार भी इस्तेमाल की व जब माता-पिता को इस स्कूल की खासियतों का पता चला तो अब दूर से भी बच्चे आ रहे हैं।

अब बच्चों को स्कूल आने के लिए स्कूल वैन की सुविधा भी है। इस स्कूल के बच्चों की अंग्रेजी उच्चारण व लिखने में महारत महंगे निजी स्कूलों के बच्चों को पीछे छोड़ती है। बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा के लिए सुरेन्द्र सिंह ने अपना कंप्यूटर स्कूल में रख लिया। सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि वह अब तक अपने स्कूल के विकास कार्योंं पर1 लाख रूपये अपनी जेब में से भी खर्च कर चुके हैं। स्कूल का ‘पढ़ो पंजाब, पढ़ाओ पंजाब’ के अंतर्गत इस वर्ष का परिणाम 98.7 प्रतिशत रहा है और जिले में से इस स्कूल का दूसरा स्थान रहा है।

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