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रेहड़ियों पर बनने वाले खाने की होगी जांच

The food that will be made on the rajnas

चिंताजनक। ज्यादा तला-भुना खाने से प्रभावित हो मानसिक और शारीरिक विकास

  • गुणवत्ता में कमी तो रेहड़ी व दुकान मालिक पर होगी कार्रवाई : डॉ. बरबर

भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। शहर के लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के मद्देनजर इन दिनों स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इसी के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर में अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत शहर में लगने वाली रेहड़ियों व दुकानों पर बिकने वाले फास्ट फूड की जांच होगी और जिस दुकानदार की फास्ट फूड की गुणवत्ता में कमी पाई गई उसके खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों शहर में फास्ट फूड के प्वाइंटों पर छापेमारी कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त करवाई कार्रवाई के मूड में नजर आ रहा है।

  • फास्ट फूड को लेकर स्वास्थ्य विभाग हुआ सतर्क

भिवानी शहर में जिस तरह से सड़कों पर लगी फास्ट फूड के स्टालों का प्रचलन बढ़ा है। साथ ही लोग फास्ट फूड की तरफ अधिक बढ़ रहे हैं, उसी के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग भी लोगों के स्वास्थ्य के लिए सतर्क नजर आ रहा है। अभियान के बारे में जानकारी देते हुए उप सिविल सर्जन डॉ. मीना बरबर ने बताया कि अब लोग देसी खाने की बजाय फास्ट फूड की तरफ ज्यादा बढ़ रहे हैं, जिसके चलते खाने के स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य भी बिगड़ता जा रहा है। हरियाणा में दूध दही का खाना था, लेकिन जैसे-जैसे समय बदला उसके बाद अब फास्ट फूड का रूप ले लिया है, जिसकी वजह से काफी बीमारियां लोगों में फैल रही है। इन्ही बीमारियों से लोगों से लोगों को बचाने के उद्देश्य से विभाग द्वारा छापेमारी की कारवाई अमल में लाई जाएगी।

डॉ. मीना बरबर ने बताया कि हमारे पास फास्ट फूड में कमियों की कई शिकायतें आ रही हैं और इस पर कार्रवाई करते हुए टीमें गठित कर दी है, जो रेहडियो व दुकानों पर जाकर इनकी गुणवत्ता की जांच करेंगे और इनमें मिलावट पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • वहीं स्थानीय लोगों ने बताया पहले हरियाणा दूध-दही का खाना था

जिसके कारण व्यक्ति तंदुरूस्त रहता था, लेकिन आजकल दूध-दही का खाने की जगह फास्ट फूड ने ले ली है, जिसकी वजह से बच्चों की शारीरिक व मानसिक ग्रोथ रूक जाती है। उन्होंने बताया कि कई दुकानदारों द्वारा इसकी गुणवत्ता पर भी ध्यान नहीं दिया जाता, जिसके चलते ये फास्ट फूड जहर का रूप धारण कर जाती है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से अपील कि विभाग द्वारा फास्ट फूड की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच की जानी चाहिए, ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो।

 

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