मलकीत सिंह इन्सां का पार्थिव शरीर मेडीकल रिसर्च के लिए दान

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Body donation

सराहरनीय प्रयास। एक ही परिवार के दूसरे शरीरदानी व ब्लॉक के चौथे शरीरदानी बने मलकीत सिंह इन्सां  (Body donation)

तलवंडी भाई/मुद्दकी/हकूमत सिंह वाला(बसंत सिंह/बलजिन्द्र सिंह )। डेरा सच्चा सौदा की ओर से चलाए जा रहे मानवता भलाई के 134 कार्योंे में ब्लाक हकूमत सिंह वाला और तलवंडी भाई की साध संगत बढ़चढ़ कर अपना योगदान दे रही है। जहां डेरा श्रद्धालु अपने जीते-जी मानवता और समाज भलाई निस्वार्थ सेवा में हमेशा अग्रणी रहते हैं, वहीं मरणोंपरांत भी अपनी, आंखें व मैडीकल रिसर्च के लिए पूरा शरीरदान करने के जीते-जी ही फार्म भर देते हैं, जिसके बाद में कोई दिक्कत न आए। अब तक फिरोजपुर जिले में इससे पहले दर्जन से अधिक पार्थिव शरीर डेरा श्रद्धालुओं के परिवारों की ओर से मैडीकल रिसर्च के लिए दान किए जा चुके हैं, जबकि ब्लॉक हकूमत सिंह वाला और ब्लाक तलवंडी भाई के चौथे शरीरदानी हैं मलकीत सिंह इन्सां।

कस्बा मुद्दकी के दूसरे शरीदानी होने का किया गौरव हासिल

उल्लेखनीय है कि ऐतिहासिक कस्बा मुद्दकी के पहले शरीरदानी महेन्द्र सिंह इन्सां का पार्थिव शरीर 23 अगस्त 2011 को गुरू गोबिंद सिंह मैडीकल कॉलेज एंड अस्पताल फरीदकोट को दान किया गया थी जबकि अब उनके छोटे भाई मलकीत सिंह इन्सां के पार्थिव शरीर को गवर्नमैंट मैडीकल कॉलेज अमृतसर को दान किया गया है। जानकारी अनुसार डेरा श्रद्धालु मलकीत सिंह इन्सां शरीरदानी (65) पुत्र नथा सिंह निवासी प्रेमियों वाली गली कस्बा मुद्दकी ने शरीरदानियों की सूची में शामिल होकर इंसानियत का फर्ज निभाया है। (Body donation) उनकी स्वैच्छा अनुसार उसके पारिवारिक सदस्यों ने डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां जी की पवित्र शिक्षाओं पर चलते मलकीत सिंह इन्सां की मृतक देह को गवर्नमैंट मैडीकल कॉलेज अमृतसर को दान कर दी गई है।

गवर्नमैंट मैडीकल कॉलेज अमृतसर के विद्यार्थी करेंगे रिसर्च, शरीदान से पहले की आंखें दान

इससे पहले उनकी दोनों आंखें जिम्मेवारों के सहयोग से गुरू गोबिन्द सिंह मैडीकल कालेज एंड अस्पताल फरीदकोट को सौंप दी हैं। जहां यह दोनों आंखें किसी की अंधेरी जिंदगी को रोशन करेंगी। इस मौके अच्छर सिंह इन्सां 45 मैंबर…

  • कमलेश इन्सां 45 मैंबर, मेजर सिंह इन्सां 15 मैंबर।
  • राम अवतार 15 मैंबर फिरोजपुर कैंट।
  • अजायब सिंह, सतीश कुमार इन्सां।
  • बहन बलविन्दर कौर इन्सां, ब्लाक तलवंडी भाई।
  • ब्लॉक हकूमत सिंह वाला।
  • ब्लाक जीरा के गांवों शहरों के भंगीदास।
  • समूह सुजान बहनें व नगर पंचायत मुद्दकी के एमसी।
  • प्रैस क्लब मुद्दकी और प्रैस क्लब तलवंडी भाई।

प्रैस क्लब फिरोजपुर देहाती के पत्रकार के अलावा सुखविन्दर सिंह काका बराड़ पूर्व चेयरमैन मार्केट समिति तलवंडी भाई, गुरमीत सिंह नंबरदार प्रधान नगर पंचायत मुद्दकी, अमरीक सिंह बिट्टू गुरू नानक मैडीकल स्टोर, महिंद्र सिंह सिद्धू शहरी अध्यक्ष शिरोमणी अकाली दल, जंग सिंह पूर्व सरपंच मुद्दकी, जगसीर सिंह वाईस अध्यक्ष नगर पंचायत मुद्दकी, जतिन्दर सिंह एमसी आदि मौजूद थे।

जीते-जी मरणोंपरांत शरीरदान करने का लिखित में प्रण लिया हुआ था

शरीरदानी मलकीत सिंह इन्सां की धर्मपत्नी निर्मल कौर इन्सां, पुत्र गुरसेवक सिंह इन्सां, बहन बलविन्दर कौर इन्सां, , भाई लखवीर सिंह इन्सां, भाई बलजिन्द्र सिंह पत्रकार ‘सच-कहूँ’ ने बताया कि सचखंड निवासी मलकीत सिंह इन्सां ने पूूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां जी की पवित्र शिक्षाओं पर चलते जीते-जी मरणोंपरांत शरीरदान करने का लिखित में प्रण लिया हुआ था। उनकी मृत देह को ब्लॉक हकूमत सिंह वाला, ब्लाक तलवंडी भाई, ब्लाक फिरोजपुर और ब्लाक जीरा से अलग-अलग गांवों कस्बा मुद्दकी से बड़ी संख्या में साध-संगत, समाज सेवी, धार्मिक, राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की ओर से उनके निवास स्थान से काफिले के रूप में चलकर गलियों बीच में से होते हुए कस्बा मुद्दकी से गुजरते नेशनल हाईवे पर आकर शरीरदानी मलकीत सिंह इन्सां अमर रहे, शरीरदान महादान आदि नारों के साथ अंतिम विदाई दी गई।

इससे पहले उनकी लड़कियां मनजीत कौर इन्सां, रणजीत कौर इन्सां व भतीजियाँ सवरनजीत कौर इन्सां, परमजीत कौर इन्सां, करमजीत कौर इन्सां व बलजीत कौर इन्सां ने डेरा सच्चा सौदा की पवित्र शिक्षाओं पर चलते लड़कियां को लड़कों के बराबर के रूतबे की शिक्षा पर चलते सचखंड निवासी मलकीत सिंह इन्सां शरीरदानी की मृत देह को कंधा देकर अपना फर्ज बाखूबी निभाया।

मृतक शरीर मैडीकल रिसर्च के लिए दान करना काबिले तारीफ: सुखविन्दर सिंह काका बराड़

डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु समाज भलाई के 134 कार्य कर रहे हैं जो कि बहुत प्रशंसनीय हैं। उनमें एक कार्य मरणोंपरांत पूरे शरीर को मैडीकल रिसर्च के लिए दान करना काबिले तारीफ है। (Body donation) उन्होंने कहा कि मरणोंपरांत शरीर को आग में जलाना हमारे समाज की रीत है परन्तु यदि इसी शरीर को परिवार की सहमति के साथ डॉक्टरी रिसर्च के लिए रिसर्च सेंटरों में भेजा जाता है तो यह एक समाज भलाई का कार्य गिना जाता है जो कि डेरा श्रद्धालु मरणोंपरांत शरीरदान कर समाज के लिए अहम रोल निभा रहे हैं।

महान सेवा का कार्य : कुलवंत राय (Body donation)

डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों की ओर से डॉक्टरी रिसर्च के लिए शरीर दान करना महान सेवा का कार्य है। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाये उतनी कम है। समाज के भले के लिए किए जाते ऐसे महान नि:स्वार्थ सेवा कार्य से समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरणा लेकर इस नि:स्वार्थ सेवा में हिस्सा लेना चाहिए।

शरीरदान प्रति लोगों को किया जाये जागरूक: प्रैस क्लब मुद्दकी

इस संबंधी प्रैस क्लब मुद्दकी के प्रधान सुखदीप सिंह रंमी गिल ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा अनेकों समाज भलाई के कार्य कर रहा है जो कि बहुत प्रशंसनीय हैं। आज मुद्दकी के मलकीत सिंह इन्सां के देहांत उपरांत शरीरदान कर परिवार ने एक मिसाल कायम की है। इससे पहले भी इसी परिवार ने महेन्द्र सिंह इन्सां की मृतक देह को मैडीकल रिसर्च के लिए दान किया था। उन्होंने कहा कि इन परिवारों की तरह समाज के भले खातिर डॉक्टरी रिसर्च के लिए देहांत उपरांत शरीर दान करने के लिए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए, जिससे मैडीकल की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी एक अच्छे डाक्टर बनकर ला-इलाज बीमारियों का इलाज कर सकें।

शरीरदान करने में अहम रोल कर निभा रहे डेरा श्रद्धालु : अच्छर सिंह इन्सां

मरणोंपरांत शरीरदान करना समाज के लिए बहुत अच्छा कार्य है। जो डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु बाखूबी निभा रहे हैं, जिससे खतरनाक ला- इलाज बीमारियां पैदा हो रही हैं। उनको रोकने के लिए मैडीकल रिसर्च के लिए मृतक देहों की जरूरत होती है। इस लिए डेरा श्रद्धालु मृतक देह दान कर रहे हैं, जिससे उन पर रिसर्च कर ला- इलाज बीमारियों को रोका जा सके।

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