नए साल पर तेलंगाना को नये हाई कोर्ट की सौगात

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T.B. Nayar Radhakrishnan

हैदराबाद (एजेंसी)। नए वर्ष के पहले दिन मंगलवार को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लिए अलग-अलग उच्च न्यायालय के अस्तित्व में आने के साथ ही दोनों तेलुगू राज्यों के लोगों तथा कानूनी समुदाय की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई। दोनों राज्यों के राज्यपाल ई. एस. एल. नरसिम्हन ने हैदराबाद और विजयवाड़ा में आयोजित अलग-अलग समारोहों में दोनों उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

न्यायमूर्ति टी. बी. राधाकृष्णन (T.B. Nayar Radhakrishnan)ने मंगलवार को तेलंगाना उच्च न्यायालय के पहले मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। हैदराबाद राजभवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में राज्यपाल ई. एस. एल. नरसिम्हन ने न्यायमूर्ति राधाकृष्णन को मुख्य न्यायाधीश के पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

बाद में न्यायमूर्ति राधाकृष्णन ने तेलंगाना उच्च न्यायालय में नियुक्त अन्य न्यायाधीशों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। तेलंगाना उच्च न्यायालय के लिए 10 न्यायाधीशों को नियुक्त किया गया है। नरसिम्हन बाद में विमान से विजयवाडा में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश सी. प्रवीण कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और तेलुगू देशम पार्टी के प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद थे।

राधाकृष्णन बने तेलंगाना के पहले मुख्य न्यायाधीश | T.B. Nayar Radhakrishnan

न्यायमूर्ति टी बी नायर राधाकृष्णन ने मंगलवार को तेलंगाना के उच्च न्यायालय के पहले मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। राजभवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में राज्यपाल ई एस एल नरसिम्हन ने न्यायमूर्ति राधाकृष्णन को मुख्य न्यायाधीश के पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। न्यायमूर्ति राधाकृष्णन इससे पहले तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे। मूलरूप से केरल निवासी 59 वर्षीय न्यायमूर्ति राधाकृष्णन ने कर्नाटक से कानून की पढाई की।

तिरुवनंतपुरम में बार काउंसिल के वकील के रूप में अभ्यास किया और बाद में उन्हें एनार्कुलम स्थानांतरित कर दिया गया। वर्ष 2004 में उन्हें केरल उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया तथा 18 मार्च, 2017 में वह छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बनाये गये।

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