चमड़ी की एलर्जी का पक्का इलाज केवल आयुर्वेद में ही संभव

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Skin Allergies

आयुर्वेद ही एक ऐसी पैथी है, जिसमें चमड़ी के सभी रोगों का जड़ से इलाज संभव है। चमड़ी के रोग जिनमें सोरायसिस, एग्जीमा, फंगल और छपाकी रोगों में अंग्रेजी ईलाज के अंतर्गत स्टीरायड की गोली से रोग को कुछ समय के लिए दबा दिया जाता है। स्टीरायड की गोली से रोग वापिस तो आता ही है, साथ ही लम्बे समय तक इसके इस्तेमाल से शुगर, बीपी और मोटापा जैसे रोग भी लग जाते हैं।

आरोग्यम के डॉक्टर चमड़ी की एलर्जी पर लगातार रिसर्च करते हैं, जिस कारण इनको लंदन की संसद में सम्मानित किया गया, जर्मन में भी जर्मन की इंटरनैशनल कान्फ्रÞेंस में पुरस्कार दिया गया है। आरोग्यम में चमड़ी की एलर्जी के लाखों मरीजों ने अब तक इन रोगों से मुक्ति पाई है। आरोग्यम आयुर्वेदा में 20 साल के विभिन्न मरीजों के अनुभव के हिसाब से नई से नई आर्युवैदिक विधियों के साथ इलाज किया जाता है। रोगी को पहले महीने तो अधिक प्रभाव नहीं दिखता, परन्तु दूसरे महीने से ही हलका मोड़ पड़ना शुरू हो जाता है

चमड़ी की एलर्जी के अलग -अलग रोग

  •  सोरायसिस: इस रोग में चमड़ी और खारिश, सीकरी जैसे फ्लेक उतरना, सिर और कानों पर फ्लेक उतरना, चमड़ी का मोटा और सफेद सा हो जाना, सोरायसिस बार-बार होने वाली एक बीमारी है, जो हमारी चमड़ी को काफी प्रभावित करती है, चमड़ी पर बहुत खारिश होती है और साथ ही अगर चमड़ी अधिक खराब हो तो चमड़ी पर सूजन भी आ जाती है, कई बार चमड़ी पर दर्द भी महसूस होता है।
  •  एक्जिमा: यह एक किस्म की चमड़ी की लाग से होती है। चंबल चमड़ी की लाग की एक किस्म है, इस रोग में खारिश, लालगी, चमड़ी से पानी रिसना आदि लक्षण पाए जाते हैं। यह पसीने वाली जगह पर बढ़ती है और साथ ही भोजन या हवा की एलर्जी के कारण भी एक्जिमा की शिकायत हो जाती है।
  •  छपाकी: इस रोग में शरीर पर मोटे-मोटे लाल फफोले, धफ्फड़ बार-बार आते हैं और कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाते हैं। यह मुँह, टांगें और बाजूओं पर ज्यादा देखी जाती है।
  •  फंगल रोग: इस रोग में बहुत खारिश होती है, सभी शरीर पर हलके भूरे या सफेद के दाग दिखाई देते हैं रात को बहुत ज्यादा खारिश होती है और पूरे पीठ पर होती है, जिसमें तने, गर्दन, बाजू और टांगें शामिल हो सकती हैं।

आरोग्यम आयुर्वैदिक सैंटर

  •  जालंधर : 7-आर, माल रोड, माडल टाऊन, सामने थिंद आंखों का अस्पताल
  •  बठिंडा: आहलुवालिया कॉम्प्लैक्स, नजदीक बस स्टैंड, बैंक आफ बड़ौदा के सामने
  •  पटियाला : भंगू बिल्डिंग, सामने गुरूद्वारा श्री दुख निवारण साहिब, नजदीक खंडा चौंक
  •  करनाल: दुकान नंबर 39, महिला आश्रम कॉम्पलैक्स, बस स्टैंड के पीछे
  •  दिल्ली: नजदीक जनकपुरी ईस्ट मेट्रो स्टेशन, गेट नं.3, गांव नांगली हालीब, बी-1, जनकपुरी
    डॉ. सतनाम सिंह मो. 98760-57600

घरेलू नुस्खे

  • चमड़ी का कोई रोग हो तो शरीर पर दही में सरसों का तेल मिलाकर नहाने से पहले लगाएं यह सप्ताह में दो बार जरूर करें।
  •  नहाने के बाद पूरे शरीर पर नारियल का तेल जरूर लगाएं।
  •  दहीं में नीबू निचोड़कर सिर पर लगाएं।
  •  अलसी के बीज 1/2 चम्मच तवे पर भूनकर रोजाना खाएं।
  •  सूती कपड़े पहनें, पेटभर खाना खाओ, इससे शरीर की जहर खत्म होता है और चमड़ी के रोग से राहत मिलती है।

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