बरनाला (जीवन रामगढ़/जसवीर सिंह)। दिनों-प्रतिदिन बढ़ रही कृषि लागतों के कारण लगातार कम होते जा रहे कृषि के मुनाफे की समस्या के साथ निपटने के लिए बरनाला जिले के गांव भोतना की 10 महिलाओं द्वारा ‘आत्मा स्कीम’ अधीन साल 2016 बनाया गया ‘सुखमनी स्व: सहायता ग्रुप’ वरदान साबित हो रहा है, महिलाआें द्वारा अचार और चटनियां आदि गांव स्तर पर ही तैयार कर चोखा लाभ कमाया जा रहा है इसके साथ ही इस ग्रुप द्वारा अपने स्तर पर ही पारिवारिक स्तर पर अपनी रसोई के लिए जरूरी सब्जियों की कृषि कीटनाशकों व खादों से रहित प्राकृतिक तरीकों से की जा रही है।
‘सुखमनी स्व: सहायता ग्रुप’ में शामिल गांव की महिलाआें द्वारा हर घर के दरवाजे एक पौधा लगाने की मुहिम भी शुरू की गई है, जिससे धरती के बढ़ रहे तापमान को कम व लगातार घट रही वृक्षों की संख्या को बढ़ाकर वातावरण की संभाल की जा सके। इस लिए इन महिलाआें द्वारा गांव में धार्मिक समारोह करवाए जाते हैं, जिससे इकठ्ठा हुए रूपयों से पौधे खरीदे जाते हैं व साथ ही गांव में मौजूद एंबुलेंस चलाने के लिए भी माली मदद दी जाती है।
ग्रुप प्रमुख अमरजीत कौर ने बताया कि इस काम के लिए प्राथमिक प्रशिक्षण उन्होंने आरसैटी से प्राप्त किया है व अपने स्तर पर ही पैसे इकठ्ठा कर वर्ष 2016 में अचार व चटनियां बनाने के काम की शुरूआत की। उन्होंने बताया कि इन रूपयों से इस काम के लिए जरुरी बर्तन व अन्य सामान की खरीद की उपरांत काम को आगे बढ़ाने के लिए वर्ष 2017 में 1.5 लाख रुपये का कर्ज लिया, जिससे अचार व चटनी की मात्रा को बढ़ाया जा रहा है।
अमरजीत कौर ने बताया कि इस बार उनके द्वारा लगभग 5 िक्वंटल आम का अचार व चटनी बनाई जा रही है और इसी तरीके हर तरह के मौसमी फलों व सब्जियों का अचार तैयार किया जाता है, जिसे बेचने के लिए उनकी तरफ से मेले में स्टालें आदि लगाई जातीं हैं। उन्होंने बताया कि आगामी समय में ग्रुप द्वारा अपने उत्पादों की रोजमर्रा की बिक्री के लिए जुगतबंदी तैयार की जा रही है। प्रीतपाल कौर ने बताया कि लागत खर्च किए घटाने के लिए इस बार उनकी तरफ से आचार व चटनी के लिए अपेक्षित मसाला अपनी, हाथ चक्कियों की मदद के साथ घरों में ही पीसा गया है।