Sugarcane Juice Side Effects: क्या गन्ने के रस के भी होते हैं नुकसान! जानें किन लोगों को नहीं पीना चाहिए?

Sugarcane Juice Side Effects
Sugarcane Juice Side Effects: क्या गन्ने के रस के भी होते हैं नुकसान! जानें किन लोगों को नहीं पीना चाहिए?

Sugarcane Juice Side Effects: डॉ. पूजा बांसल गन्ने का जूस भारत में एक पारंपरिक पेय है, जो गर्मियों में अपनी ताजगी और प्राकृतिक मिठास के लिए लोकप्रिय है। यह न केवल एक स्वादिष्ट पेय है, बल्कि इसमें कई पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं, जो इसे चिकित्सकीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बनाते हैं। हालांकि, इसके लाभों के साथ-साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं, खासकर जब इसे अनुचित मात्रा या विपरीत परिस्थितियों में लिया जाए। हम गन्ने के जूस के पोषण तत्वों, इसके चिकित्सकीय लाभों, सेवन के उचित समय, बर्फ के साथ इसके प्रभाव, शरीर के विभिन्न अंगों पर असर, किन लोगों को इसे पीना चाहिए या नहीं, और इसके संभावित दुष्प्रभावों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।

गन्ने के जूस में पोषण | Sugarcane Juice Side Effects

काबोर्हाइड्रेट: प्रति 100 मिलीलीटर में लगभग 13-15 ग्राम, मुख्य रूप से ग्लूकोज, फ्रक्टोज और सुक्रोज के रूप में। यह तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है (लगभग 60-70 किलो कैलोरी प्रति 100 मिलीलीटर)।

विटामिन: विटामिन बी1 (थायमिन), बी-2 (राइबोफ्लेविन), बी-3 (नियासिन), और विटामिन सी (एस्कॉर्बिक एसिड) की सूक्ष्म मात्रा। ये मेटाबॉलिज्म और इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करते हैं।

खनिज: कैल्शियम (10-20 मिलीग्राम/100 मिलीलीटर), पोटैशियम (50-100 मिलीग्राम), मैग्नीशियम (10-15 मिलीग्राम), और आयरन (0.5-1 मिलीग्राम)। ये हड्डियों, मांसपेशियों और हीमोग्लोबिन संश्लेषण के लिए जरूरी हैं।

एंटीऑक्सीडेंट: पॉलीफेनॉल्स और फ्लेवोनॉइड्स, जो आॅक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं और सूजन-रोधी गुण रखते हैं।

पानी: लगभग 70-75% पानी, जो इसे एक हाइड्रेटिंग एजेंट बनाता है।

फाइबर: न्यूनतम मात्रा, जो ताजा रस में नगण्य होती है।

इसमें वसा, प्रोटीन और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा न के बराबर होती है, जिससे यह कम कैलोरी वाला, हल्का पेय बन जाता है।
जूस पीने का उचित समय।

  • गन्ने का जूस सुबह 8 से 11 बजे के बीच पीना सबसे लाभकारी है। इस समय शरीर का मेटाबॉलिज्म सक्रिय होता है, और यह तुरंत ऊर्जा प्रदान कर थकान को कम करता है।
  • दोपहर के बाद इसे नहीं पीना चाहिए, क्योंकि शर्करा का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ना का खतरा हो सकता है। गन्ने का जूस प्राकृतिक रूप से 25-30 डिग्री सेल्सियस तापमान पर सर्वोत्तम होता है।
  • बर्फ डालने से पोषक तत्वों का प्रभाव कम हो जाता है। ठंडा होने से एंजाइमेटिक गतिविधि कम हो सकती है, जिससे कुछ सूक्ष्म पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित होता है।
  • बहुत ठंडा जूस पेट के पीएच को अस्थायी रूप से प्रभावित कर सकता है, जिससे संवेदनशील लोगों में अपच या ऐंठन हो सकती है। इसलिए, चिकित्सक सलाह देते हैं कि ताजा, बिना बर्फ का जूस पीना बेहतर है। अगर ठंडक चाहिए, तो इसे 1-2 घंटे फ्रिज में रखकर 10-15 डिग्री सेल्सियस पर पिएं।

गन्ने के जूस के स्वास्थ्य लाभ | Sugarcane Juice Side Effects

गन्ने का रस प्राकृतिक शर्करा (सुक्रोज) से भरपूर होता है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है। गर्मियों में यह डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है।

इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन में सहायक होती है। यह पेट की समस्याएं जैसे कब्ज, गैस और एसिडिटी को कम करता है।

गन्ने का जूस लीवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है और पीलिया जैसी बीमारियों से बचाने में सहायक होता है। यह शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालकर लीवर को मजबूत बनाता है।

गन्ने के रस में मौजूद एंटीआॅक्सीडेंट्स शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को मजबूत करते हैं, जिससे शरीर संक्रमण और बीमारियों से बचा रहता है।

गन्ने का जूस कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।

गन्ने के जूस में मौजूद फ्लेवोनोइड्स और एंटीआॅक्सीडेंट्स शरीर को कैंसर, विशेष रूप से स्तन और प्रोस्टेट कैंसर से बचाने में मदद कर सकते हैं।

गन्ने का जूस कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस का अच्छा स्रोत होता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है और आॅस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाव करता है।

गन्ने का रस पीने से त्वचा में नमी बनी रहती है और यह मुंहासे, झुर्रियों और दाग-धब्बों को दूर करने में मदद करता है। इसमें मौजूद अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड त्वचा को निखारने में सहायक होता है।

गन्ने का रस प्राकृतिक रूप से मूत्रवर्धक होता है, जिससे यह किडनी को डिटॉक्स करने और संक्रमण से बचाने में मदद करता है।

कौन पिएं और कौन न पिएं | Sugarcane Juice Side Effects

गन्ने का जूस कुछ लोगों के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। जिन लोगों को गर्मी की वजह से थकान या पानी की कमी महसूस होती है, जैसे मजदूर या खिलाड़ी, उनके लिए यह एक अच्छा पेय है। जिन्हें खून में आयरन की थोड़ी कमी है, वे भी इसे डॉक्टर की सलाह से पी सकते हैं। साथ ही, जो लोग पूरी तरह स्वस्थ हैं, वे भी इसे थोड़ी मात्रा में पी सकते हैं, क्योंकि यह ताजगी और ऊर्जा देता है।

कुछ लोगों को गन्ने का जूस पीने से बचना चाहिए। जिन्हें शुगर (डायबिटीज) की बीमारी है, उनके लिए यह ठीक नहीं, क्योंकि इसमें मौजूद शक्कर खून में ग्लूकोज को तेजी से बढ़ा सकती है। जिन्हें पेट की परेशानी जैसे दस्त या आईबीएस है, उन्हें भी इससे दूर रहना चाहिए, क्योंकि यह पेट को और ढीला कर सकता है। मोटापे से परेशान लोग और जिनके दांत कमजोर या खराब हैं, उन्हें भी इसे नहीं पीना चाहिए, वरना वजन बढ़ सकता है और दांतों की समस्या हो सकती है।

जूस के संभावित दुष्प्रभाव

  • 500 मिलीलीटर से अधिक जूस एक बार में पीने से ब्लड शुगर 50-70 मिलीग्राम/डीएल तक बढ़ सकता है।
  • अस्वच्छ जूस से बैक्टीरियल संक्रमण हो सकता है, जिससे दस्त, उल्टी या बुखार हो सकता है।
  • एलर्जी: दुर्लभ मामलों में, कुछ लोगों को गन्ने के प्रोटीन से एलर्जिक रिएक्शन (खुजली, चकत्ते) हो सकता है।
  • मिनरल असंतुलन: अत्यधिक पोटैशियम से हाइपरकेलेमिया का खतरा, खासकर किडनी रोगियों में।

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