विश्व हृदय दिवस पर विशेष: दिल के मरीजों को कोरोना काल में संभल कर रहने की जरूरत: डॉ. शैलेंद्र

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सच कहूँ/देवीलाल बारना  कुरुक्षेत्र। कोरोना संक्रमण काल में दिल की बीमारियों में लापरवाही न बरतें, जिससे धड़कने सेहतमंद बनी रहें, बेहतर स्वास्थ्य के लिए वजन नियंत्रित रखें, गलत आदतें छोड़ें और अच्छा कोलेस्ट्रोल बनाने वाली चीजों का सेवन करें और समय पर दिल की जांच जरूर कराएं। यह सलाह लोकनायक जयप्रकाश जÞिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और हृदय एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र ममगार्इं शैली ने आज विश्व हृदय दिवस की पूर्व संध्या पर दी। उन्होंने बताया कि कोरोना के कुल मरीजों में करीब 5 फÞीसदी को आॅक्सीजन की जरूरत पड़ती है लेकिन यदि मरीज उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, दिल की बीमारियों या अन्य पुरानी बीमारियों से पीड़ित है तो उनमें 15 से 20 फीसदी की जान जाने का खतरा बना रहता है।

ऐसे में इन मरीजों को कोरोना काल में बहुत संभाल कर रहने की जरूरत है।दिल के पुराने रोगी आजकल कोरोना के डर से इलाज के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं, लेकिन उन्हें चाहिए कि अगर उन्हें इस तरह की समस्या है तो इसकी कतई अनदेखी न करें, भले ही वह घर में ब्लड प्रेशर और रक्त में शुगर जांचने की मशीन रख लें, इसके साथ-साथ जो दवाई पहले से चल रही हैं उन्हें बिल्कुल भी बंद न करें और अचानक कोई तकलीफ बनने पर नजर अंदाज करने की बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचकर फिजिशियन से अपनी जांच और उपचार कराएं।

7 से 8 घंटे की नियमित अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी

डॉ. शैली ने बताया कि रोजाना न्यूनतम 7 से 8 घंटे की नियमित अच्छी नींद लेने से हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है। सोने से पहले कैफीन न लेना, सोने और जागने के लिए लगभग समान समय बनाए रखना सोने से एक घंटा पहले सभी गैजेट्स को डिस्कनेक्ट करना ,सोने के समय हल्का संगीत सुनना या पढ़ना अच्छी गुणवत्ता युक्त नींद लाने में मददगार साबित होता है। डॉक्टर शैली ने बताया सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बड़ी उम्र में होने वाला दिल का रोग 30 से 40 साल के युवाओं को भी अपने गिरफ्त में लेता जा रहा है।

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