PAPA Coach (Saint Dr. MSG) शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थानों के होनहारों को समय-समय पर देते है खेलों के टिप्स
सरसा(सच कहूँ/सुनील वर्मा)। जीवन में खेलकूद का भी उतना ही महत्व है, जितना कि पढ़ाई-लिखाई का। खेलकूद न केवल छात्रों का मनोरंजन करते हैं अपितु उनके स्वास्थ्य को भी उत्तम बनाते हैं। यदि बच्चे प्रसन्न और स्वस्थ रहेंगे तो पढ़ाई लिखाई की ओर भी ध्यान देंगे। खेल के अंतर्गत शरीर बहुत अधिक परिश्रम करता है, परिणामस्वरूप अधिक मात्रा में ऑक्सीजन शरीर के अंदर जाती है।
यही ऑक्सीजन हमारे रक्त को शुद्ध करती है तथा भोजन को पचाने में सहायता करती है। जिसने खेलों को महत्व दिया है वह सदैव प्रसन्न, स्वस्थ तथा मजबूत रहता है, उसमें आत्मविश्वास रहता है, नेतृत्व की क्षमता उत्पन्न होती है, इच्छाशक्ति सदैव बलवती रहती है, संगठन की शक्ति का अहसास होता है। अत: खेल स्वास्थ्य का पर्याय है। खेलों के क्षेत्र में पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का योगदान अतुलनीय है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को दिलाए सैकड़ों पदक | National Sports Day
गुरू जी न सिर्फ स्वयं क्रिकेट, फुटबाल, हॉकी, वॉलीबाल, हैमर थ्रो, कुश्ती, कबड्डी, बैडमिंटन, डिस्कस थ्रो, जैवलीन थ्रो सहित 32 नेशनल खेलों के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं बल्कि एक बेहतरीन कोच भी हैं। हजारों खिलाड़ी गुरू जी को ‘पापा कोच’ कहते हैं। गुरू जी से प्रशिक्षण प्राप्त करके जहां डेरा सच्चा सौदा के शिक्षण संस्थानों की बेटियों ने योगा विश्व कप में परचम लहराया। इसके साथ ही तीन बार रोलर स्केटिंग में एशिया कप जीत कर देश का गौरव बढ़ाया।
पूज्य गुरू जी से कोचिंग प्राप्त करके शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थानों के 256 खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश को गौरवान्वित कर रहे हैं। जिनमें योगा खिलाड़ी नीलम इन्सां के योगा विश्व कप सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 11 स्वर्ण, 12 रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। वहीं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इस होनहार खिलाड़ी ने 14 स्वर्ण, 6 रजत और 1 कांस्य पदक जीते हैं। जैवलिन थ्रोअर गुरप्रीत कौर इन्सां अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 1 स्वर्ण व दो कांस्य पदक व राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 13 स्वर्ण, 13 रजत और 14 कांस्य पदक जीत चुकी हैं। इसके साथ ही संस्थान की पांच खिलाड़ियों यशदीप इन्सां, प्रवीण इन्सां, हरप्रीत इन्सां, मिलनप्रीत इन्सां व गुरमेल इन्सां को हरियाणा प्रदेश का सर्वोच्च खेल पुरस्कार भीम अवार्ड मिल चुका है।
इसके साथ ही संस्थानों के 2860 खिलाड़ी विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा पूज्य गुरू जी से कोचिंग प्राप्त करके नवजीत भुल्लर भारतीय स्विमिंग टीम को, पूजा इन्सां भारतीय रोलर स्केटिंग टीम को, गुरप्रीत कौर जूनियर भारतीय जैवेलियन थ्रो टीम को प्रशिक्षण दे रहे हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वॉलीबाल में अमित कुमार, ताइक्वांडों में प्रशांत कुमार, हैंडबाल में अमित इन्सां, जूडो में अमित नैन, क्रिकेट में अभिमन्यू लाम्बा, स्विमिंग में पुलकित इन्सां व राहुल इन्सां ने देश को कई पदक दिलाए हैं। इसके साथ ही पूज्य गुरू जी के मार्गदर्शन में वयोवृद्ध खिलाड़ी ईलमचंद इन्सां भी योगा में सैकड़ों पदक जीतकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
पूज्य गुरू जी से मिले थे भारतीय क्रिकेटर
भारतीय क्रिकेट टीम में खेलने वाले कई खिलाड़ी भी पूज्य गुरू जी से खेल के टिप्स ले चुके है, जिनमें विराट कोहली, शिखर धवन, जोगिन्द्र शर्मा, यूसुफ पठान जहीर खान, आशीष नेहरा, दीपक हुड्डा और मनप्रीत गोनी सहित अनेक खिलाड़ी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों को पूज्य गुरू जी ने आत्मबल बढ़ाने के टिप्स भी दिए थे।
टी-20 क्रिकेट के जनक हैं पूज्य गुरू जी
- पुरातन खेलों को दिया नया रूप
जिस टी-20 क्रिकेट को आज आप बड़े चाव से देखते हैं, इसकी अवधारणा भी सर्वप्रथम पूज्य गुरू जी ही लेकर आए थे और शाह सतनाम जी क्रिकेटस्टेडियम, सरसा में ही पहली बार टी-20 मैचों का आगाज हुआ था। इसके अलावा गुरू जी ने कई परम्परागत खेलों को नया रूप दिया जिनमें गुलस्टिक (क्रिकेट व गुल्ली डंडा का मिश्रित रूप), रूमाल छू (रूमाल उठाने और कबड्डी का मिश्रित रूप) शामिल हैं।
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