जरूरतमंदों के लिए वरदान बनीं साडी रसोईयां

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3 लाख 53 हजार से ज्यादा जरूरतमंदों ने केवल 10 रुपए में पौष्टिक खाने का लिया आनन्द

  • डीसी ने योगदान देने वाले लोगों व समाजसेवी संस्थाओं की प्रशंसा की

फाजिल्का (सच कहूँ न्यूज)। प्रदेश सरकार ने गरीब और जरूरतमंद लोगों को कम कीमत पर बढ़िया गुणवत्ता का खाना मुहैया करवाने के लिए साडी रसोई स्कीम जिला प्रशासन और रेड क्रास सोसायटी के उद्यम सदका फाजिल्का और जलालाबाद में जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हो रही है। जानकारी देते डिप्टी कमिशनर मनप्रीत सिंह छत्तवाल ने बताया कि जिले में स्थापित साडी रसोईयां अंदर कोई भी व्यक्ति 10 रुपए प्रति थाली के हिसाब खाना खा सकता है। उन्होंने बताया कि खाने में 4 चपाती, दाल, शब्जी और चावल मुहैया करवाए जाते हैं।

मनप्रीत सिंह छत्तवाल ने बताया कि साडी रसोई का एक मात्र मंतव्य है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति भूखे पेट न रहे। उन्होंने बताया कि फाजिल्का में चल रही साडी रसोई अंदर 15 अप्रैल 2017 से 22 दिसंबर 2019 तक 3 लाख 20 हजार 251 जरूरतमंद व्यक्ति पौष्टिक खाना खा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस के इलावा जलालाबाद में स्थापित रसोई में करीब 300 व्यक्ति रोजाना भोजन खाने के लिए पहुंच करते हैं, जिस के अंतर्गत अगस्त 2019 से अब तक 33269 लोगों ने 10 रुपए प्रति थाली के हिसाब के साथ खाना खाया है।

उन्होंने चुघ्घ इंडस्ट्री, गुराइया इंडस्ट्री, के.सी सालवैंट, कुमार इंडस्ट्री, दसमेश इंडस्ट्री, एस.के इंडस्ट्री, ऐकम इंडस्ट्री और राइस मिल, जय जगदम्बें राइस मिल, शक्ति इंडस्ट्री और एस.एम इंडस्ट्री जलालाबाद की तरफ से साडी रसोई को एक-एक क्विंटल चावलों का योगदान देने की खूब प्रशंसा की।

अध्यापक यूनियन का सराहनीय योगदान

मनप्रीत छत्तवाल ने बताया कि रिटायर्ड अध्यापक यूनियन जलालाबाद स्थित साडी रसोई में अपना योगदान डाल कर मानवता की भलाई के लिए किये जा रहे कार्य अंदर अहम भूमिका निभा रही है।

उन्होंने समय-समय पर नेकी के इस कार्य अंदर अपना योगदान डालने वाले लोगों और समाजसेवी संस्थायों की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि जिले अंदर स्थापित साडी रसोईयों में मौसमी सब्जियाँ और पौष्टिक दालें बनाने के लिए सम्बन्धित स्टाफ को निर्देश जारी किये गए हैं, जिस को खाना बनाने वाले स्टाफ और निगरान अधिकारी की तरफ से बखूबी ढंग के साथ निभाया जा रहा है।

 

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