कस्टम में सुप्रीटेंडेंट संदीप सिंह ने महिला को दिया प्लाज्मा

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लॉकडाउन के दौरान ड्यूटी पर संदीप सिंह हुए थे कोरोना संक्रमित

  • अपनी सोसायटी में रहने वाली महिला को दिया प्लाज्मा

सच कहूँ/संजय मेहरा गुरुग्राम/मुम्बई। नई दिल्ली के पालम एक्सटेंशन (द्वारका) निवासी मुम्बई में कस्टम विभाग में सुप्रीटेंडेंट संदीप सिंह ने एक महिला को प्लाज्मा देकर समाज सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया है। संदीप सिंह ने खुद कोरोना संक्रमित होने पर बहुत मानसिक तनाव झेला। जिससे निकलने में उनके परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों की अहम भूमिका रही।  कस्टम विभाग में सुपरिटेंडेंट संदीप सिंह ने नवी मुम्बई के अपोलो अस्पताल के आईसीयू में भर्ती एक महिला को प्लाज्मा देकर अनूठा उदाहरण पेश किया है।

साथ ही यह आश्वासन भी दिया है कि अगर भविष्य में भी किसी को प्लाज्मा की जरूरत होगी तो वे फिर से प्लाज्मा डोनेट करने को तैयार रहेंगे। लॉकडाउन के दौरान जुलाई-अगस्त में कोरोना चरम पर था। देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई समेत महाराष्ट्र के अनेक शहरों में कोरोना का फैलाव बढ़ता ही जा रहा था। वहीं देश के अन्य राज्यों में भी कोरोना का खौफ जारी था। हर कोई आतंकित था। कस्टम विभाग में सुपरिडेंटेंड संदीप सिंह को वर्क फ्रॉम होम के बीच कस्टम विभाग के कार्यालय में बुला लिया गया।

वे उसी दिन कोरोना पॉजिटिव कर्मचारी के संपर्क में आए और खुद भी कोरोना संक्रमित हो गए। फिर कोरोना संक्रमित होने के कारण 15 जुलाई से 7 अगस्त 2020 तक वे एकांतवास में रहे। अपने इस पीरियड के दौरान उन्होंने जो मानसिक तनाव झेला, वह बहुत पीड़ादायक रहा। कभी बुखार, कभी घबराहट तो कभी मानसिक परेशानी। हालत तो उस समय और भी खराब हुई, जब उनके साथी अधिकारी का कोरोना संक्रमित होने के चलते निधन हो गया। इस घटना ने तो उन्हें और भी परेशान कर दिया।

विपरीत परिस्थिति में पत्नी सरोज ने निभाई अहम जिम्मेदारी

पत्नी सरोज, बेटा वरदान और बेटी वीरा एक ही घर में उसने अलग एकांतवास में रहने को मजबूर हुए। संदीप सिंह कहते हैं कि पत्नी सरोज की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई थी। उन्हें उनको संभालने के साथ-साथ बच्चों को भी देखना था। बेटी वीरा छोटी है। वह कभी उनका दरवाजा खटखटाती तो कभी दरवाजा खुला देखकर कमरे में पहुंच जाती। खुद भी बीमार हुई, लेकिन खुद की सेहत का ख्याल ना करके सरोज ने पूरे परिवार को खान-पान के साथ मानसिक पीड़ा से बाहर निकालने में अहम् भूमिका निभाई। हिम्मत नहीं हारी। पूरे परिवार की कोरोना जांच हुई। जब तक रिपोर्ट नहीं आई, तब तक तनाव का पारा बहुत अधिक चढ़ा हुआ था।

खैर 22 जुलाई 2020 को परिवार में पत्नी सरोज, बेटा वरदान और बेटी वीरा की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई। इससे सभी ने सुकून की सांस ली। वहीं 24 जुलाई को संदीप सिंह की कोरोना जांच हुई और इस बार भी रिपोर्ट पॉजिटिव आने से परिवार की चिंता बढ़ गई। हालांकि चिकित्सकों ने उन्हें एकांतवास में रहकर खुद की देखरेख और इम्युनिटी बूस्टर लेने की बात कही। आखिरकार 7 अगस्त 2020 को संदीप सिंह की भी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई। तब जाकर परिवार का तनाव खत्म हुआ।

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