Tripurari Art: कभी कैलेंडर के पीछे करते थे कलाकारी, आज हैं कला के त्रिपुरारी
वर्ष 1984 में उनके द्वारा यहां सिविल लाइन में चौक पर बनाया गया मोर तो चौक से हटाया जा चुका है, लेकिन यह चौक आज भी मोर चौक कहलाता है। सरकारी रिकॉर्ड में तो इसका नाम यहां के पूर्व मंत्री स्वर्गीय सीताराम सिंगला के नाम पर हो गया है। फिर भी लोगों के दिल, दिमाग में यह चौक आज भी मोर चौक ही है। उनका कहना है कि अगर आज उन्हें मौका मिले तो फिर से यहां खूबसूरत मोर बना देंगे।
Saras Fair: अद्भूत हैं ये सजावटी तोप, बक्सा और संदूकें
मेले का अवलोकन करते लोक संपर्क विभाग के अधिकारी स्वर्ण सिह जंजोटर व अन्य।