नशों के खिलाफ आरटीआई आवेदन का नहीं मिला जवाब

RTI application

सूचना का अधिकार। कांग्रेस नेता ने मांगी थी हुक्का

बार और कैफे के नियमों की जानकारी

  •  खाद्य एवं औषधि विभाग 7 महीने से लटकाए बैठे जानकारी

  •  डीजीपी-डीसीपी को पत्र लिखकर हुक्का बार बन्द करने की रखी थी मांग

पंचकूला (चरन सिंह/सच कहूँ)। जिला पंचकूला में खाद्य एवं औषधि विभाग 7 महीने बीतने के बाद ( RTI application) भी आरटीआई के अंतर्गत कांग्रेस छात्र संगठन एनएसयूआई में राष्ट्रीय संयोजक दीपांशु बंसल द्वारा मांगी गई सूचना को उपलब्ध करवाने में नाकाम रहा है। हालांकि दीपांशु बंसल ने डीजीपी हरियाणा पुलिस व डीसीपी पंचकूला पुलिस को इस बारे में ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजकर हुक्का बार बन्द कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।  दीपांशु बंसल ने मुख्य सूचना आयुक्त, हरियाणा सूचना आयोग को 7 नवम्बर को पत्र लिखकर कहा कि बड़े ही आश्चर्य की बात है कि सूचना के अधिकार के लिए गठित हरियाणा सूचना आयोग भी सूचना उपलब्ध नहीं करवा रहा है।

भाजपा का हुक्का फ्री स्टेट का दावा फेल साबित हो चुका है

बंसल ने कहा कि 22 अगस्त 2019 को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा सूचना उपलब्ध न करवाने के बारे आयोग से शिकायत की थी, परन्तु 3 माह से ज्यादा बीतने के पश्चात भी उन्हें कोई सूचना उपलब्ध नहीं हुई और न ही आयोग द्वारा की गई कार्रवाई का कोई पत्राचार प्राप्त हुआ। बंसल ने कहा भाजपा का हुक्का फ्री स्टेट का दावा फेल साबित हो चुका है। गौरतलब है कि बंसल ने आरटीआई में विभाग से प्रश्न पूछे थे, जिससे जिला पंचकूला में नशा खत्म करने में काफी तथ्य सामने आने थे और हुक्का बार व कैफे में चल रहे नशे को रोकने के लिए विभाग की नाकामी का भी पता लगता है।

आरटीआई में क्या-क्या पूछा गया?

  • दीपांशु ने पूछा था कि जिला पंचकूला में विभाग द्वारा कुल कितने हुक्का बार व केफेस चिह्नित किए गए हैं।
  • कुल कितने हुक्का बार व कैफे को विभाग द्वारा अनापत्ति पत्र व परमिशन दी गई है।
  • यह हुक्का बार व केफेस कहां-कहां, कब-कब से कार्य कर रहे हैं और कौन-कौन इनको संचालित कर रहा है।
  • 1 जनवरी 2015 से 25 अप्रैल 2019 तक विभाग द्वारा कुल कितनी बार हुक्का बार व कैफे पर रेड की गई है।
  • कितने हुक्का बार को सील/बन्द किया गया व कितने हुक्का बार व केफेस
  • पर प्रतिबंध लगाकर फाइन/जुर्माना लगाया गया है।
  • जिला पंचकूला में हुक्का बार व कैफे को बन्द करने के लिए आपके विभाग
  • द्वारा अब तक क्या-क्या कार्रवाई की जा चुकी है
  • और भविष्य में क्या योजना है। चंडीमंदिर-मोरनी रोड़ पर स्थित हुक्का बार व कैफे को किस आधार पर हुक्का चलाने व बेचने की परमिशन दी गई है।

किस-किस आधार पर अनापत्ति पत्र दिए गए। कुल कितनी बार रेड की गई हैं और कितनी बार प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही कौन-कौन इसे संचालित कर रहे हैं। अब तक की गई कार्यवाही की प्रतिलिपियां मांगी थी, परन्तु अभी तक कोई सूचना नहीं दी गई, जिसके बाद मामला सूचना आयोग को भेज दिया है।

 

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