राज्यसभा में बोले रक्षामंत्री- किसी भी कीमत पर नहीं झुकने देंगे देश का मस्तक

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Rajnath Singh

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज फिर देश को आश्वस्त किया कि भारत पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर यथास्थिति बदलने की चीन की कोशिशों को सफल नहीं होने देगा और किसी भी कीमत पर देश के मस्तक को झुकने नहीं दिया जायेगा। सिंह ने पूर्वी लद्दाख की स्थिति पर राज्यसभा में विस्तार से वक्तव्य देते हुए कहा कि चीन को राजनीतिक , राजनयिक और सैन्य स्तर पर भारत के रूख से अवगत करा दिया गया है कि भारत सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण बातचीत से समाधान करने का पक्षधर है लेकिन एलएसी पर यथास्थिति को बदलने की किसी भी एकतरफा कोशिश को सफल नहीं होने दिया जायेगा।

गश्त के तरीके में कोई बदलाव नहीं

उन्होंने कहा, ‘हमने चीन को राजनयिक तथा सैन्य चैनल के माध्यम से अवगत करा दिया, कि चीन की गतिविधियां यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास हैं। यह भी साफ कर दिया गया कि ये प्रयास हमें किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है। पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी के इस सवाल पर कि चीन गलवान घाटी में आठ किलोमीटर के क्षेत्र में सेना को गश्त नहीं लगाने दे रहा है और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सेना जहां गश्त लगाती रही है उसे वहां गश्त लगाने का अधिकार होना चाहिए सिंह ने कहा कि लड़ाई ही इसीलिए हो रही है। उन्होंने कहा कि सेना का गश्त का पारंपरिक तरीका है और दुनिया की कोई ताकत उसे गश्त लगाने से नहीं रोक सकती। रक्षा मंत्री ने कहा कि गश्त के तरीके में कोई बदलाव नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि चीन का मानना है कि दोनों देशों के बीच सीमा का औपचारिक निर्धारण नहीं हुआ है और एलएसी को लेकर भी दोनों देश अलग अलग व्याख्या करते हैं। इसलिए सीमा पर शांति और स्थिरता बनाये रखने के लिए दोनों ने कई समझौते और संधि की हैं। उन्होंने कहा कि चीन की कथनी और करनी में अंतर है इसलिए वह समय समय पर इनका उल्लंघन करता रहता है। पूर्वी लद्दाख में भी ऐसा ही हुआ है लेकिन सेना ने चीन की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने सदन और देशवासियों को आश्वस्त किया कि देश की संप्रभुता , एकता और अखंडता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जायेगा।

 

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