मधुमक्खी पालन शुरू कर राज कुमार कमा रहा 14 लाख सालाना

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मधुमक्खी पालन ने बदली एक छोटे किसान की तस्वीर (Bee keeping)

सच कहूँ/सुधीर अरोड़ा अबोहर। अबोहर विधानसभा क्षेत्र के गांव पंजकोसी के प्रगतिशील किसान राजिन्द्र कुमार उर्फ राजू घोड़ेला ने मधुमक्खी पालन व्यवसाय कर न केवल लाखों की आमदनी ली है, बल्कि अपने जीवन स्तर में भी सुधार किया है। यह किसान दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बना हुआ है। पढ़ाई में ग्रेजुएट इस किसान ने बताया कि 5 एकड़ की खेती के साथ-साथ मधुपालन के लिए उसने सन्न 2006 में 10 बक्से खरीदे।

  • आज वे तकरीबन 1250 बक्सों से 14 लाख रुपये सालाना कमा रहा है।
  • एक किसान से सफल व्यवसायी बन चुके राजू घोड़ेला ने बताया कि उनके इस व्यवसाय से जिलेभर के अन्य कई किसान प्रेरणा लेकर इस व्यवसाय में अपना हाथ आजमा रहे हैं।
  • जब कोई उनके इस व्यवसाय को देखता है तो हर कोई मधुमक्खी पालन की बारिकियों की जानकारी ले रहा है।

मधुमक्खी पालन से शहद ही नहीं अन्य चीजों से भी ली जा रही आमदनी

किसान राजिन्द्र कुमार का कहना है कि अमूमन किसान मधुमक्खी पालन सेसिर्फ शहद का ही व्यवसाय कर पा रहा है। उसके अनुसार इससे शहद के अलावा भी अन्य चीजें प्राप्त कर व्यवसाय में दोहरा लाभ कमा रहा है। उसने बताया कि मक्खियों के बक्सों को विभिन्न स्थानों पर सीजन के मुताबिक ले जाना पड़ता है।  (Bee keeping) जैसे मार्च-अप्रैल में श्रीमुक्तसर साहिब, अमृतसर के क्षेत्र में सफेदा, टाली, बरसीम आदि के लिए व मई जून के माह में सूरजमुखी की भरपूर पैदावार होने के चलते और साथ ही जून-जुलाई व अगस्त माह में पहाड़ी क्षेत्रों जिनमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और साथ ही अगस्त माह में भरतपुर, अलवर, रेवाड़ी में बाजरे की भरपुर पैदावार के चलते इसके अलावा बाकी शेष बचे माह में अपने क्षेत्र में हो रही फसलों जैसे सरसों इत्यादि जगहों पर जाना पड़ता है ताकि शहद और पालन के उत्पादन में कई गुणा बढ़ोतरी की जा सके।

  • सीजन के मुताबिक एक बक्सा करीबन 3 हजार औसत के चलते कमाई देता है।
  • शहद के अलावा भी मधुमक्खियों से सात प्रकार की कमाई कर सकते हैं, जिसमें पोलन, परिपोलिस, वैक्स, मक्खी जहर, रॉयल जैली आदि प्राप्त कर आमदनी में वृद्धि की जा सकती है।
  • वह भी इन चीजों का व्यवसाय कर सालाना 14 लाख करीबन कमाई कर रहा है।
  • इसके साथ खुद व्यवसाय शुरू कर अन्यों को भी रोजगार प्रदान कर रहा है।

बी पॉलन बहुत उपयोगी, शहद से भी दोगुनी आमदन

राजू घोड़ेला ने बी पॉलन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिस प्रकार से शहद का व्यवसाय मधुपालन से होता है। ठीक उसी तरह दूसरी ओर से इनसे बी पॉलन भी प्राप्त किया जाता जोकि अच्छे भाव में बिकता है और उसके फायदों के बारे में अभी भी बहुत कम लोग जानते हैं। बी पॉलन मधुमक्खियों द्वारा इकठ्ठा किया गया फूलों के परागकण का ढेर होता है, वैसे ये उनके आहार के रूप में काम आता है। इसमें उनके बताए अनुसार लगभग 100 प्रतिशत प्रोटीन पाया जाता है और इसके अलावा इसमें पोषक तत्वों की मात्रा काफी ज्यादा होती है।

  • इसका सेवन इन्सानों के लिए भी बहुत फायदेमंद है।
  • यह इन्फ्लेमेशन कम करने में मददगार, मांसपेशियों की मजबूती, एंटी-आॅक्सीडेंट से भरपूर, इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार, ट्यूमर से बचाव, जले हुए घाव को ठीक करता हैं।
  • इसके इलावा बॉडी ग्रोथ के लिए बहुत लाभकारी होता है।

रानी होती है, इनके परिवार की मुख्य सदस्य

मधुमक्खियां भी एक परिवार की तरह काम करती है। एक बक्से में इनके परिवार में एक रानी होती है और उसका जो आकार होता है वो अन्य मक्खी से काफी बड़ा होता है। क्योंकि उसके उदर में अंडे भरे होते है। वो केवल अपने बक्से में ही रहती है, अपने जीवनकाल में एक बार उड़ान भरती है। जब उसको निषेचन की जरूरत पड़ती है। इसमें नर सदस्य होते है, इनका भी काम खाना होता है और निषेचन करना होता है। इनके परिवार में सबसे बड़ा काम है, वो श्रमिक मक्खियों का होता है। इनके उम्र के हिसाब से इनके कार्य का अलग-अलग विभाजन होता है।

  • यह पहरेदारी का काम करती है।
  • अपने छत्तों का निर्माण करती है और बाहर से जाकर जो पराग और पुष्परस है, उसको इकट्ठा करके ले आती है।
  • इस तरह से इनका काम विभाजित होता है।
  • इस तरह इनके सामाजिक संगठन को अच्छी तरह समझा जा सकता है और मधुमक्खियों के बारे में यह कहा जाता है कि इनकी बड़ी रहस्यमयी दुनिया है।

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