रेलवे भर्ती रैकेट का पर्दाफाश, सरगना गिरफ्तार

0
Encounter

रेलवे में नौकरी चाहने वाले इसे जरूर पढ़ें

  • बिहार के पटना तक जुड़े थे तार
  • अब तक सैकड़ों बेरोजगार युवकों से 40 लाख रूपए ठगे

संगरूर (गुरप्रीत सिंह)। रेलवे में नौकरी चाहते हैं और इसके लिए कोशिश कर रहे हैं तो यह सुनिश्चि कर लें कि कोई ठग आपको झांसा देकर चूना तो नहीं लगा रहा। इस तरह का मामला यहां सामने आया है।

इसमें एक गिरोह रेलवे में गैंगमैन सहित विभिन्न पदों पर भर्ती कराने का झांसा देकर बेराजगारों को ठग रहा था। इस गिरोह के लोग नौकरी दिलाने के लिए बेरोजगारों से फार्म भरवात थे और बिहार के पटना ले लाकर मेडिकल भी कराते थे। यह लोग अब तक क्षेत्र के कई बेरोजगारों से करीब 40 लाख रुपये ऐंठ चुके थे। पुलिस ने गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है।

खुलासे होने की संभावना

बेरोजगार लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले इस ठग को जिले के धूरी में पुलिस ने दबोचा। रेलवे में नौकरी दिलाने वाले गिरोह के तार बिहार के पटना तक जुड़े थे। पुलिस द्वारा की गई प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह ठग अब तक बेरोजगारों से करीब 40 लाख रुपये ऐंठ चुका है और 10 लोगों के मेडिकल पटना में करवा चुका है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांंच-पड़ताल में जुटी हुई है।

एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि बमाल के रहनेवाले बलविंदर सिंह ने 4 जून को धूरी के थाना सदर में भवानीगढ़ तहसील के नूरपूरा गांव के निवासी भगवंत सिंह के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कराया था। उसने अपनी शिकायत में कहा था कि भगवंत सिंह ने उसे रेलवे में ऊंची पहुंच का हवाला देकर नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। उसने इसके लिए उससे पांच लाख रुपये लिए।

बरामद हुई नगदी

एसएसपी ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद भगवंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उसके घर से बलविंदर सिंह से लिये गए रुपये में से साढ़े चार लाख रुपये बरामद हुए। पूछताछ दौरान भगवंत सिंह ने बताया कि इससे पहले भी वह भोगीवाल निवासी सुरजीत सिंह को भी नौकरी का झांसा देकर साढ़े चार लाख रुपये वसूल चुका है। पुलिस ने बलविंदर सिंह से पूछताछ के आधार पर उसके घर की अलमारी में दोे लाख रुपये और बरामद किए गए। पुलिस ने उसे अदालत में पेश करके रिमांड की मांग की।

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।