एचपीएससी चेयरमैन की नियुक्ति पर फिर उठे सवाल

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Questions raised again on the appointment of HPSC chairman

विधायक बीबी बत्रा व आफताब अहमद ने हरियाणा की बजाय बाहरी लोगों को हरियाणा सरकार के महत्वपूर्ण पद देने का लगाया आरोप

  • आरएसएस से जुड़े लोगों को पद देकर योग्य अफसर किए जा रहे साइडलाइन
चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)। प्रदेश की मनोहर सरकार एक फिर से चेयरमैन नियुक्तियों के मामले पर विपक्ष के सवालों के घेरे में आ गई है। हाल ही में हरियाणा पब्लिक सर्विस कमिशन (एचपीएससी) के चेयरमैन नियुक्त किए गए आलोक वर्मा की नियुक्ति पर बवाल खड़ा हो गया है। पूर्व एचपीएससी चेयरमैन एवं मौजूदा कांग्रेसी विधायक बी.बी. बतरा और कांग्रेसी विधायक आफताब अहमद ने सरकार पर योग्य अफसरों की अनेदखी और आरएसएस से जुड़े लोगों एवं हरियाणा के लोगों की अनदेखी कर बाहरी लोगों को पद देने का आरोप लगाया है।
हाल ही में सरकार ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के एडीसी टूरिज्म, वन व पर्यटन विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रहे आलोक वर्मा को एचपीएससी चेयरमैन नियुक्त किया है। जिस पर हरियाणा कांग्रेस विधायक दल के उप नेता चौधरी आफताब अहमद और रोहतक विधायक व एचपीएससी पूर्व चेयरमैन बीबी बत्रा ने कड़ा विरोध व चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार यह कहती है कि वो हरियाणा में 75% पद हरियाणा वासियों के लिए रखेंगे और एक तरफ एचपीएससी चेयरमैन जैसे संवैधानिक पद हरियाणा से बाहर के लोगों को दे रही है। संघ से जुड़े अधिकारियों के सामने योग्य अफसर साइड लाइन किए जा रहे हैं, ये चिंताजनक है। सरकार पूरी तरह से विफल हो गई है, सिर्फ संघ की अनुशंसा पर सरकार काम कर रही है। हरियाणा प्रदेश से जुड़े अधिकारी या यहां के ही व्यक्ति को चेयरमैन बनाना चाहिए जो सरकार या संघ से प्रभावित नहीं हो।

मुख्यमंत्री के निजी सचिव रहे वर्मा कैसे निभा पाएंगे निष्पक्ष भूमिका

कांग्रेस विधायक दल के उप नेता नूह विधायक चौधरी आफताब अहमद ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री को चुप्पी तोड़नी चाहिए कि आखिर क्यों हरियाणा के किसी भी अफसर या व्यक्ति में उन्हें एचपीएससी चेयरमैन बनने की योग्यता नहीं दिखाई दी। आफताब अहमद ने संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि कैसे मुख्यमंत्री के निजी सचिव निष्पक्ष होकर अपनी जिम्मेदारी निभा पाएंगे। संघ से उनके संबंध पर भी लोग उंगली उठा रहे हैं।

कांग्रेस करेगी इस नियुक्ति का खुल कर विरोध

बत्रा व अहमद ने साफ संकेत दे दिए हैं कि कांग्रेस मौजूदा सरकार के इस फैसले का खुल कर विरोध करेगी क्योंकि हरियाणा लोक सेवा आयोग में हरियाणा से बाहर के लोगों को चेयरमैन बना रही है, इससे प्रदेश के लोगों के हित व अधिकार प्रभावित होने की पूरी संभावना है। सरकार हरियाणा की जनभावनाओं के अनुरूप नहीं बल्कि संघ की इच्छा अनुरूप चल रही है, जो सही नहीं है, सरकार को नियुक्ति रद्द करनी चाहिए और हरियाणा के अधिकारी या व्यक्ति को ही इस संवैधानिक पद पर नियुक्त करना चाहिए।

 

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