28 फरवरी को पेश होगा ‘जनता का बजट’

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हरियाणा प्री-बजट बैठकों के दूसरे दिन बोले सीएम : अच्छे सुझावों को बजट में जरूर शामिल करेगी सरकार (Public budget)

  • विपक्ष भ्रम फैलाना बंद करे

चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़/सच कहूँ)। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंचकूला के रैड बिश्प होटल में जारी तीन दिवसीय प्री-बजट चर्चा के दूसरे दिन कहा कि यह बजट असल मायने में ‘जनता का बजट’ होगा और यह 28 फरवरी को पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कुछ नेता भ्रम फैला रहे हैं, बजट पहले ही तैयार हो चुका है। जबकि असलियत यह है कि इस चर्चा में आए अच्छे सुझावों को बजट में जरूर शामिल किया जाएगा और बजट 19 फरवरी के बाद बनना शुरू होगा। उन्होंने कहा कि कहा कि पिछले साल के बजट में 1590 योजनाएं थीं। इस बार इनमें से करीब 300 योजनाओं को कम किया जाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि बजट तैयार करने के लिए उनके पास काफी समय है। वे बैठकों के दौर के दूसरे दिन पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

 दूसरे दिन खेल, यूथ, स्वास्थ्य, पिछड़ा वर्ग, महिला-बाल कल्याण पर हुई चर्चा, विधायकों ने दिए सुझाव

सीएम ने कहा कि दूसरे दिन स्पोर्ट्स, यूथ वैल्फेयर डिपार्टमेंट, हैल्थ, आयूष, मैडिकल एजूकेशन, एससीबीसी, सोशल वैल्फेयर और महिला-बाल विकास पर चर्चा हुई। इन क्षेत्रों से संबंधित काफी अच्छे सुझाव मिल आए हैं। इन सारे सुझावों को जितना भी संभव होगा, इनको सम्मिलित करके बजट पेश किया जाएगा। इस बार वास्तव में जनता का बजट पेश होगा। विपक्ष के नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा द्वारा चर्चा में शामिल होने के बाद इस चर्चा को महत्वहीन करार देने पर सीएम बोले कि यह उनका स्वभाव है और इसे बदला नहीं जा सकता। वे विपक्ष में हैं। लेकिन हमने इस बार पॉलिटिकल लाइन से ऊपर उठकर हमने सबके सुझाव लेने का काम किया है।

  • सभी हल्कों के विधायकों का सुझाव लिया जा रहा है ।
  • विधायक ही मुख्यतौर पर अपने क्षेत्र की जनता के प्रति जवाब देह है।
  • उसे पता है कि उसके क्षेत्र में क्या-क्या समस्याएं हैं।
  • हुड्डा या अन्य विपक्षी नेताओं के यह समझ नहीं आ रहा तो क्या किया जाए।
  • विधानसभा का बजट सत्र आगामी 20 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा।
  • विधानसभा सत्र की बैठकों की संख्या कार्य सलाहकार समिति द्वारा तय की जायेगी।
  • सरकार द्वारा तय की गई प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार 28 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा।
  • बजट सत्र को पांच मार्च तक चलाए जाने की संभावना है।

सभी के सुझाव लेने के बाद 19 फरवरी से बनना शुरू होगा बजट

  • विपक्ष द्वारा बार-बार यह कहे जाने पर कि बजट पहले ही तैयार हो चुका है ।
  • बैठकें केवल पैसे की बर्बादी हैं।
  • सीएम ने जवाब दिया कि बजट सभी के सुझाव लेने के बाद 19 फरवरी से बनना शुरू होगा।
  • सीएम ने कहा हमारे पास पर्याप्त समय है।
  • बजट की आउट लाइन हर विभाग तैयार करके रखता है।
  • उसमें कोई नई योजना जोड़नी है।
  • बजट बढ़ाना है घटाना है यह सब बाद में होता है।

सभी अच्छे सुझावों को बजट में एडजस्ट करने की कोशिश होगी

सीएम ने कहा कि जितने भी सुझाव आए हैं उनमें से जो अच्छे हैं उन सभी को बजट में एडजस्ट करने की कोशिश की जाएगी।
वहीं सीएम ने कहा कि सभी की अपनी प्राथमिकताएं भी होती हैं, वो अपने क्षेत्र से संबंधित हो सकती हैं, अपने वर्ग के लोगों से संबंधित हो सकती है लेकिन ऐसी बहुत सी प्राथमिकताएं हैं जो सभी के साथ जुड़ी हैं जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य। ऐसे में सभी के सुझाव लिए जा रहे हैं और कोशिश होगी कि सभी अच्छे सुझावों को बजट में शामिल किया जाए। वहीं सीएम ने कहा कि यह भी कोई गारंटी नहीं है कि सभी सुझावों को बजट में शामिल किया जाएगा।

कॉमन मिनीमम प्रोग्राम के लिए अलग से नहीं होगा बजट तय

वहीं एक सवाल का जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि कॉमन मिनीमम प्रोग्राम के लिए कोई अलग से बजट तय नहीं होगा। ये तो उन योजनाओं से जुड़ा है जिस पर भाजपा-जजपा की कॉमन सहमति है। वहीं इकोनॉमिक सर्वे से संबंधित एक सवाल पर सीएम ने कहा कि बजट पेश करने से पहले इकोनॉमिक सर्वे की रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखा जाएगा। वहीं इस संबंधित एक किताब छापी गई है जिसमें कौन सी योजना पर कितना खर्च हुआ है इत्यादि का सारा लेखा-जोखा है, जो जनता के सामने रखा जाएगा।

केंद्र की जिस स्कीम में पैसा नहीं आ रहा उसे करवाएंगे बंद

वहीं प्रदेश में केंद्र की बहुत सी स्कीमों, योजनाओं के लिए पैसा नहीं आ रहा, इस सवाल सीएम ने कहा कि ऐसी कई योजनाएं हैं जिन में केंद्र से पैसा आना था लेकिन नहीं आ रहा। ऐसे में सरकार केंद्र से इन स्कीमों बंद करने को कहेंगे वहीं ऐसी कोई स्कीम राज्य सरकार की है जिसमें पैसा नहीं आ रहा तो उसे भी बंद किया जाएगा। उनकी जगह नई स्कीमें लाई जाएंगी।

महापुरुषों की जयंती पर छुट्टी की बजाय उनके जीवन पर होगी चर्चा!

वहीं सीएम ने कहा कि एक विचार यह भी आया है कि महापुरुषों की जयंती इत्यादि पर सरकारी छुट्टी करने की बजाय उस दिन उन महापुरुषों के जीवन के बारे में लोगों को बताया जाए। सीएम ने कहा कि इस विचार पर सरकार गौर करेगी। क्योंकि केवल छुट्टी कर देने से महापुरुषों के जीवन से कोई प्रेरणा का पता समाज को नहीं चलता।

 

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