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बड़े घरों की बसें बंद रहने से वरदान बनी पीआरटीसी

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मुसाफिरों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए पहल के आधार पर बसें चलाकर निभाया इन्सानियत का फर्ज : प्रवीण कुमार

बठिंडा(अशोक वर्मा)। चुनावों के मद्देनजर मालवा में बड़े घरों व राजनैतिक घरानों की बस सेवा बंद रहने के कारण आज पीआरटीसी की बस सेवा मुसाफिरों के लिए वरदान बनी रही हालांकि लोकसभा मतदान के लिए आज वोट डालने वाला दिन होने के कारण सवारी बेहद कम निकली फिर भी जो सवारियां आई पीआरटीसी की बसें उनको मंजिलें की तरफ लेजाती नजर आई। आम दिनों में यदि प्राईवेट बसों न चलें तो पीआरटीसी की आमदन में काफी विस्तार हो जाता है परंतु आज तो डीजल जितनी ही कमाई होने वाली बात ही रही है।

पीआरटीसी की एसी बस के पास खड़े चालकों की प्रतिक्रिया थी कि आज का दिन तो बस ठीक ही निकला है क्योंकि हर बस में कुछेक ही सवारियां थी। उल्लेखनीय है कि बठिंडा के बस स्टैंड से पीआरटीसी के अलावा बादल परिवार की ट्रांसपोर्ट व गिद्दड़बाहा के हलका इंचार्ज डिम्पी ढिल्लों की कंपनी की काफी बसें चलती हैं। लोकसभा हलका बठिंडा व साथ लगते फिरोजपुर सांसदीय हलके में बादल परिवार के दो सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं, जिस कारण इन दोनों कंपनियों की कुछेक ही बसें चली कुछ अन्य प्राईवेट बस कंपनियों की बसें भी अपनी अपने रूटों पर चली परंतु आम दिनों वाली बात कहीं भी दिखााई नहीं दी।

‘सच-कहूँ’ प्रतिनिधि ने मौके पर जाकर देखा कि रंग-बिरंगी प्राईवेट बसों के साथ किसी गुलदस्ते जैसा नजर आने वाले बठिंडा के बस स्टैंड में सन्नाटा पसरा हुआ था वहीं दूसरी तरफ प्राईवेट ट्रांसपोर्ट कंपनियों की बसें की गैरमौजूदगी में पीआरटीसी के बठिंडा डीपू ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और सुबह से शाम तक सरकारी बसें चलती रही, जिससे सवारियों को कोई परेशानी न आए।

 यात्रियों ने की पीआरटीसी के इस प्रयास की प्रशंसा

पीआरटीसी की बस सेवा मुख्य तौर पर बठिंडा -चण्डीगढ़ रूट पर चलती है जबकि बठिंडा लुधियाना रूट भी सरकारी बस सेवा के लिए तरजीही रही है। इसके अलावा बठिंडा-अमृतसर, बठिंडा-डबवाली और बठिंडा -मलोट-अबोहर आदि रूटों पर चलती है। इनमें से कई रूट तो ऐसे हैं, जिन पर बड़ी संख्या में प्राईवेट बसें चलती हैं बठिंडा से आॅर्बिट कंपनी की एसी व लग्जरी बसें भी बड़ी संख्या में चण्डीगढ़ जाती हैं। उधर आज बस स्टैंड में खडीं पीआरटीसी की बसों के चालक-कंडक्टर भी सवारियों को आवाजें लगाकर बसों में चढ़ा रहे थे और साथ में बसों के समय संबंधी भी गाईड किया जा रहा था। एक कंडक्टर ने बताया कि सवारियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाना हमाराप फर्ज है। उन्होंने कहा कि जिस तरह आज सेवा पीआटीसी ने मुसाफिरों को मुहैया करवाई है उससे उनको आशा है कि भविष्य में भी लोगों का रूझान सरकारी बसों की तरफ बढ़ेगा।

कमाई के लिए नहीं लोक सेवा : जीएम

पीआरटीसी बठिंडा डीपू के जरनल मैनेजर प्रवीण कुमार का कहना था कि आज सरकारी बस सेवा बंद करने का कोई प्लान नहीं था। उन्होंने कहा कि वैसे भी पीआरटीसी की बस सेवा मुसाफिरों की सेवा के लिए ही है। कमाई को कभी भी पहल नहीं दी जाती है। उन्होंने कहा आज अधिकतर प्राईवेट बसें बंद रही, जिस कारण मुसाफिरों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए पहल के आधार पर बसें चलाकर इन्सानियत का फर्ज निभाया गया है।

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