प्रज्ञान ओझा ने क्रिकेट के सभी प्रारुप से लिया संन्यास

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Pragyan Ojha retired from all forms of cricket - Sach Kahoon News

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत के बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा ने शुक्रवार को क्रिकेट के सभी प्रारुपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। ओझा ने 2008 में एशिया कप में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे में अपना पदार्पण किया था। उन्होंने 2009 में बांग्लादेश के खिलाफ ही टी-20 में अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था और श्रीलंका के खिलाफ नवंबर 2013 में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच खेला था।

ओझा ने ट्विटर पर अपने संन्यास लेने की घोषणा करते हुए कहा

भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है। मैंने अपने करियर में कई उतार चढ़ाव देखे। अपने इस करियर में मैंने अनुभव किया कि एक खिलाड़ी के लिए सिर्फ मेहनत और लगन की सब कुछ नहीं होती बल्कि टीम प्रबंधन, टीम के खिलाड़ी, कोच, ट्रेनर और दर्शकों का विश्वास तथा मार्गदर्शन भी बेहद जरुरी होता है।

  • 33 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘मैं वीवीएस लक्ष्मण का आभारी हूं
  • जिन्होंने बड़े भाई की तरह हमेशा मेरा मार्गदर्शन किया।
  • मैं वेंकटपति राजू को धन्यवाद देता हूं जो मेरे रोल मॉडल रहे।
  • मैं हरभजन सिंह का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जो वक्त-वक्त पर मुझे सलाह देते थे।

बाएं हाथ के गेंदबाज ने कहा, ‘मैं महेंद्र सिंह धोनी का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मुझे भारत के लिए खेलने का मौका दिया। मुझे विश्वास है कि मेरा करियर अच्छा रहा और इसके लिए मुझे अपने आप पर गर्व है। मेरे करियर का सबसे यादगार लम्हा था जब मुझे सचिन के हाथों टेस्ट कैप पहनने का सौभाग्य मिला। उम्मीद करता हूं कि मैं भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने में किसी भी तरह से अपना योगदान दे सकू।

  • ओझा ने अपने करियर के 18 वनडे मुकाबलों में 31.04 के औसत से 21 विकेट लिए ।
  • 24 टेस्ट में 30.26 के औसत से 113 विकेट झटके।
  • उन्होंने छह टी-20 मैचों में 10 विकेट लिए।
  • ओझा ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट के 108 मैचों में 424 विकेट लिए।

24 जुलाई 2012 को श्रीलंका के खिलाफ अपना आखिरी एकदिवसीय मुकाबला खेला

बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज ने अपना आखिरी टेस्ट नवंबर 2013 में मुंबई में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। ओझा ने इस मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन किया था और भारत की ओर से 10 विकेट लिए थे। वह इस मुकाबले में मैन आॅफ द मैच रहे थे। विंडीज के खिलाफ यह मुकाबला क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर के करियर का आखिरी मुकाबला था।

  • 24 जुलाई 2012 को श्रीलंका के खिलाफ अपना आखिरी एकदिवसीय मुकाबला खेला।
  • ओझा आखिरी बार नवंबर 2018 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बिहार की तरफ से खेलने उतरे थे।
  • प्रथम श्रेणी में वह हैदराबाद और बंगाल की तरफ से भी खेल चुके हैं।

ओझा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में 2009 की विजेता डेकन चार्जर टीम का हिस्सा रहे थे। इसके बाद वह मुंबई इंडियंस की ओर से खेले। वर्ष 2010 के आईपीएल के संस्करण में उन्होंने सत्र में सबसे ज्यादा विकेट हासिल किए जिसके लिए उन्हें पर्पल कैप दी गयी। ओझा वर्ष 2015 में आखिरी बार आईपीएल में खेलने उतरे थे।

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