फोन के डायलिंग पैड का आविष्कार

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आज ही के दिन 1963 में दुनिया ने पहली बार जाना कि बटन वाला फोन क्या होता है। आज हम बटन वाले फोन से टच स्क्रीन तक पहुंच गए हैं। वैज्ञानिक कोशिश में लगे हैं कि टच की भी जरूरत न पड़े, फोन बस उंगली के इशारे पर काम करने लगे। लेकिन यह बहुत पुरानी बात नहीं जब गोल चक्के जैसे डायलिंग पैड हुआ करते थे जिनपर एक नंबर घुमाकर दूसरे नंबर के लिए चक्का रुकने का इंतजार करना पड़ता था। इसी बीच 18 नवंबर 1963 में अमेरिकी टेलीफोन कंपनी बेल सिस्टम्स दुनिया के सामने पहला ऐसा फोन लाई जिसमें बटन वाला डायलिंग पैड था।

बटन वाला पहला कमर्शियल फोन पेनसिल्वेनिया में लगाया गया। ग्राहकों को शुरूआत में इस बात पर भरोसा करना ही मुश्किल हो रहा था कि नंबर मात्र बटन दबाकर डायल किए जा सकते हैं। शुरूआती समय में बटन वाले फोन में 10 बटन हुआ करते थे। हर संख्या के लिए एक। लेकिन पांच साल बाद 1968 में एस्ट्रिस्क(*)और हैश(#) के बटन जोड़े गए।

 

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