पेंसिल बनाने वाली कम्पनी करोड़ों की चपत लगाकर फरार

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Pencil maker company absconds with crores

कम्पनी पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाने थाने पहुंचे लोग (Pencil Maker Company)

  • कम्पनी पर पेंसिल पर कलर करवाने के नाम पर रूपए एंठने का आरोप
  • पिछले तीन रोज से कम्पनी के मुख्य गेट पर लटका हुआ है ताला
झज्जर (सच कहूँ/संजय भाटिया)। झज्जर में एक कम्पनी सैंकड़ों लोगों को करोड़ों रूपए की चपत लगाकर फरार हो गई। फिलहाल (Pencil Maker Company) कम्पनी के मुख्य गेट पर ताला लटका है और वहां एक नोटिस चस्पा किया गया है कि कम्पनी के बंद रहने का नोटिस चस्पा किया हुआ है। कम्पनी का काम पेंसिल पर कलर चढ़वाकर लोगों से वापिस लेने का था और बदले में उन्हें उनके मेहनताने के पैसे देना भी था। लेकिन कम्पनी ने इसके लिए लोगों से बकायदा एग्रीमेंट किया था,जिसके तहत लोगों से ढाई से तीन लाख रूपए लिए जाते थे और कम्पनी से ही उन्हें पेंसिल पर कलर चढ़ाने के लिए करीब 92 हजार रूपए लिए जाते थे।
कम्पनी के झांसे में आकर रूपए गंवाने वाले डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग गुरूवार को सिटी थाने पहुंचे और कार्यवाहीं की मांग कर एक लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में कहा गया है कि कम्पनी ने उनके साथ धोखाधड़ी की है और कम्पनी का मालिक अब कम्पनी के गेट के बाहर ताला लटका कर फरार हो गया है। इस मामले में फिलहाल पुलिस ने जांच करने की बात कही है। जानकारी अनुसार झज्जर की देशवाल मार्किट में एसबीपी स्मार्ट सोलूशन प्राईवेट लिमिटेड़ के नाम से कुछ माह पूर्व एक कम्पनी खोली गई थी। इस कम्पनी ने झज्जर जिले के ही नहीं बल्कि चरखीदादरी, सोनीपत सहित प्रदेश के अन्य जिलों के अलावा दिल्ली के लोगों को प्रलोभन स्वरूप अपने झांसे में ले लिया। इस कम्पनी का मुख्य काम पेंसिल पर कलर चढ़ाने का था। जिसके तहत उन्होंने उनके यहां आने वाले लोगों से बकायदा एग्रीमेंट किया था। इसके लिए अनेक लोगों से लाखों रूपए भी लिए गए थे।

कुछ रोज से कम्पनी मालिकों के व्यवहार में आया हुआ था बदलाव

आरोप है कि शुरूआती दौर में तो कम्पनी ने अपनी पेठ जमाने के लिए एग्रीमेंट अनुसार नियम व शर्तों का पालन कर उनके वारे-न्यारे भी किए। लेकिन जब कम्पनी की साख बढ़ी और उनके झांसे में आने वाले लोगों की चेन से चेन जुड़ती चली गई तो दो रोज पूर्व कम्पनी अपनी बोरियां-बिस्तर समेट कर फरार हो गई। हांलाकि कम्पनी ने गेट पर ऑफिस दो दिनों तक बंद रहने की सूचना के लिए एक नोटसनूमा पत्र भी चस्पा किया हुआ था। लेकिन लोगों की माने तो कुछ रोज से कम्पनी मालिकों के बरताव में भी बदलाव आया हुआ था और वह कम्पनी में काम करने वालों को पैसे देने में भी आनाकानी करने लगे थे और कच्चा माल भी अधिक नहीं दे रहे थे। लेकिन लोगों को नहीं पता था कि कम्पनी मालिकों का यह व्यवहार उनके फरार होने की तरफ इशारा करता है। उधर इस मामले में पुलिस ने शिकायत लिए जाने के बाद जांच करने की बात कही है।

 

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