पंजाब

पटियाला : मजदूर यूनियनों ने मांगों को लेकर की रोष रैली

Protest

मीटिंग में प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
यूनियनों को एकत्रित होकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ रोष करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

रोष। कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन | Protest

पटियाला(नरिन्दर सिंह चौहान)। काफी समय से लटकती आ रही मांगों को लेकर नगर निगम की (Protest) अलग-अलग यूनियनों ने सांझे तौर पर एकत्रित होकर रोष रैली की गई और मांगों को लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध किया। ज्ञापन नगर निगम के कमिशनर को सौंपा गया। इस मौके एकत्रित हुए इन यूनियनों के अधिकारियों ने फैसला लिया कि यदि लोकल प्रशासन की ओर से उनकी मांगें न मानी गई तो प्रतिदिन ही 2 घंटो के लिए गेट रैली की जायेगी और इस दौरान यदि कोई घटना घटती की है तो उसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

इस मौके रैली को संबोधित करते अध्यक्ष गरीब सिंह मट्टू प्रधान, जरनल सचिव हरप्रीत सिंह, जरनल सचिव बीएमएस जसबीर सिंह, अजायब सिंह, मुनीस पुरी, गुरप्रीत सिंह चावला, नरेश बोबी, मुकेश दिक्षित, रमिन्दर सिंह आदि ने कहा कि आज की इस रोष रैली में म्यूंसिपल वर्कर यूनियन (रजि.) सम्बन्धित भारतीय मजदूर संघ, नगर निगम पटियाला और स्वीपर यूनियन (रजि.) नगर निगम पटियाला, टैक्निकल इंम्प्लॉईज यूनियन नगर निगम पटियाला, नगर पालिका कर्मचारी संघ नगर निगम पटियाला आदि शामिल हुए।

नगर निगम के कमिशनर को मांगों संबंधी सौंपा ज्ञापन | Protest

नेताओं ने मांगों का जिक्र करते कहा कि कर्मचारियों के काफी समय से पेडिंग पड़े पीएफ/सीपीएफ/ई.पीएफ जमा करवाने व इसके अलावा स्टाफ की कमी को पूरा करना, आउटसोर्स व अन्य कर्मचारियों को पक्का करना, दर्जा 4 कर्मचारियों की प्रमोशनें आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्धित बीती 5 अक्तूबर को कमिशनर नगर निगम पटियाला के साथ मीटिंग हुई थी और मीटिंग में कमिशनर को बताया गया कि कर्मचारियों का पीएफ/सीपीएफ जो कि की पिछले काफी समय से पेडिंग पड़ा है, जिसकी रकम जो कि तकरीबन 9-10 करोड़ रूपये बनती है, जिसे कर्मचारियों के वेतनों में से तो काट लिया जाता है, परंतु इसे पीएफ /सीपीएफ/ईपीएफ. खातों में जमा नहीं करवाया जाता है, जिस कारण कर्मचारी में काफी रोश पाया जा रहा है।

अगर मांगें जल्द न मानी गई तो प्रतिदिन 2 घंटे की जाएगी रोष रैली : नेता

  • इस मीटिंग में प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया,
  • जबकि इस समय नगर निगम के फंड में पैसे भी पड़े हैं ।
  • परंतु प्रशासन की ओर से फिर भी पीएफ/सीपीएफ/ईपीएफ जमा करवाने में अनदेखी की जा रही है,
  • जिसका समूह यूनियन ने गंभीर नोटिस लिया है
  • सभी यूनियनों को एकत्रित होकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ रोष करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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