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साथी की जान बचाते खुद भी गंवाई जान

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नरवाना में करंट से दो दोस्तों की दर्दनाक मौत के बाद पसरा मातम

  • परिवार की आर्थिक मदद के लिए बांटता था अखबार
  • गुरजीत की मौत के बाद चार बहनों का छीना सहारा

नरवाना(सच कहूँ न्यूज)। मंगलवार अल सुबह नरवाना के मॉडल टाऊन के पास बरसात के मौसम में दो दोस्तों की करंट लगने से मौत हो गई। जिससे पूरे शहर में शौक छाया हुआ है। सूचना मिलते ही एसएचओ नरवाना मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का जायजा लिया। दोनों दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार सचिन शहर के टैक्सी स्टैंड के पास अपनी फूल सजावट की दुकान चलाता था।

मंगलवार सुबह जब 21 वर्षीय सचिन पुत्र मंगतराम निवासी नरवाना अपनी दुकान खोलने पहुंचा तो बरसात का पानी उसकी दुकान के बाहर भरा हुआ था। पानी को पार करते हुए जब वह अपनी दुकान के बाहर लगे छप्पर के पोल को हाथ लगाया तो पोल में करंट होने के कारण वह करंट की चपेट में आ गया।

उसी दौरान अखबार में हॉकर का काम करने वाला 20 वर्षीय गुरजीत हरिकेश निवासी ढाकल रोड़ भी अपने दोस्त की दुकान की तरफ आ रहा था तो उसने देखा की सचिन अपनी दुकान के बाहर पानी में पड़ा था। तो उसने अपना साईकिल खड़ा करके सचिन के उठाने की कोशिश की तो वह भी करंट की चपेट में आ गया और दोनों दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि घटना बरसात के मौसम के कारण हुई है क्योंकि दुकानों के बाहर सड़क पर पानी भरा हुआ था जिसके कारण ही पोल में करंट आ गया।

चार बहनों का इकलौता भाई था गुरजीत

गुरजीत भले ही सुबह अखबार बांटने का काम करता था लेकिन वह अपने परिवार की आर्थिक सहायता के लिए मजदूरी भी कर लेता था। इसके साथ गुरजीत इंसानियत का भी प्रतिक था और इसी इंसानियत ने उसकी जान ले ली। गुरजीत के पिता के पास गुरजीत के अलावा 4 लड़कियों भी हैं। लेकिन गुरजीत की मौत के बाद 4 बहनों के सिर से भाई का साया उठ गए। गुरजीत के पिता चिनाई का काम करते हैं और उन्हें पता नहीं था कि उसका बेटा सुबह उठकर अखबार बांटने का काम करता था।

अब कैसे होगा परिवार का गुजारा

गुरजीत व सचिन दोनों जिगरी दोस्त थे और सुबह अक्सर उनकी मुलाकात सचिन की दुकान पर ही होती थी। सचिन फूल बेचकर ही अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर रहा था। लेकिन उसकी मौत उसकी ही दुकान के बाहर उसके जिगरी दोस्त के साथ होगी ऐसे उसने कभी सोचा भी नहीं होगा। मंगलवार को सचिन अपनी दुकान खोलने से पहले ही इस संसार को छोड़ चला। सचिन के पिता भी मजदूरी का काम करते हैं।

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