कृषि अध्यादेशों के खिलाफ किसानों के साथ सड़कों पर उतरे संगठन

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Farmers Against Agricultural Ordinances

विरोध। सरकार के खिलाफ रोष जताकर लघु सचिवालय में दी प्रतीकात्मक गिरफ्तारी

  • नए अध्यादेशों को बताया-ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह खतरनाक

भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। भिवानी में भी देश के अन्य जिलों की तरह केन्द्र सरकार के कृषि से जुड़े तीन अध्यादेशों के विरोध में किसान संगठनों के साथ कई संगठनों ने जेल भरो आंदोलन किया। इस दौरान किसान नेताओं ने इन अध्यादेशों को कॉरपोरेट घरानों को दिया गया ईस्ट इंडिया कंपनी का अध्यादेश बताया और कहा कि ये किसान, व्यापारी व मजदूरों के लिए बहुत खतरनाक है। केन्द्र सरकार ने कृषि से जुड़े तीन अध्यादेश लागू किए हैं, जिनका किसान व व्यापारी संगठन शुरू से विरोध कर रहे हैं।

इसी को लेकर रविवार को देश भर में जिला स्तर पर सैकड़ों संगठनों ने एक साथ इन अध्यादेशों के विरोध में जेल भरो आंदोलन किया। भिवानी में भी किसान व व्यापारी संगठनों सहित विभिन्न कर्मचारी व राजनैतिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर लघु सचिवालय पर गिरफ्तारी देने पहुंचे। पर अधिकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से गिरफ्तार करते हुए सभी को उसी समय रिहा भी कर दिया गया।

इस दौरान किसान नेता ओमप्रकाश ने बताया कि ये अध्यादेश बहुत खतरनाक हैं, क्योंकि असल में ये अध्यादेश नहीं बल्कि केन्द्र सरकार ने कार्पोरेट घरानों को ईस्ट इंडिया कंपनी का लाईसेंस दिया है। जिससे किसान, व्यापारी व मजदूर बर्बाद हो जाएगा। सरकार द्वारा इन अध्यादेशों को किसान हित में कहने के सवाल पर किसान नेता ने बताया कि जिस प्रकार सरकार ने कोरोना योद्धाओं के लिए थाली और ताली बजवाई पर उन्हें वेतन नहीं दिया। उसी प्रकार इन अध्यादेशों को किसान हित में बताकर गुमराह किया जा रहा है। संगठनों का कहना है कि जब तक अध्यादेश वापस नहीं लिए जाते तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

 

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