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Wednesday, January 28, 2026
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    अब जैविक खेती के बजट को बदला जाएगा प्राकृतिक में: मनो

    Natural Farming

    बोले, प्राकृतिक खेती के लिए देशी गाय पालने वाले का प्रोत्साहन करेगी सरकार

    Natural Farming

    कुरुक्षेत्र (सच कहूँ/देवीलाल बारना )। पदमश्री सुभाष पालेकर द्वारा इजाद की गई प्राकृतिक खेती को अब हरियाणा सरकार ने भी अपना लिया है। इसके प्रथम पडाव में बजट-2020 में सरकार ने जैविक व प्राकृतिक कृषि (Natural Farming)के लिए बजट का प्रावधान किया है। हालांकि पिछले लगभग 15 वर्षों से सरकारें जैविक पर मोटा खर्च करती रही हैं लेकिन सरकारें किसानों को जैविक से जोड़ने में नाकाम साबित हुई और किसान जैविक की राह को न अपनाकर रासायनिक खेती से ही जुडे हुए हैं। अब सरकार ने जैविक के स्थान पर पदमश्री सुभाष पालेकर द्वारा इजाद की गई प्राकृतिक खेती की ओर रूख कर लिया है। इसको लेकर गुरुकुल कुरुक्षेत्र में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से आयोजित पदमश्री सुभाष पालेकर कृषि कार्यशाला आयोजन किया गया।

    कार्यशाला में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल (Manohar Lal Khattar) ने बतौर मुख्यातिथि शिकरत की। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए साफ रूप से कहा कि हालांकि बजट में जैविक व प्राकृतिक खेती (Natural Farming)के बजट रखा गया है लेकिन अब जैविक को प्राकृतिक में मर्ज किया जाएगा। कार्यशाला में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, कृषि मंत्री जेपी दलाल, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला, खेलमंत्री संदीप सिंह, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, विधायक सुभाष सुधा, विधायक लीला राम गुर्जर सहित अन्य मौजूद रहे।

    एक लाख भूमि पर प्राकृति खेती की तरफ बढ़ाएंगे कदम

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जब सभी एक साथ मिलकर प्राकृतिक खेती की तरफ कदम बढ़ाएंगे तभी एक नए अध्याय की तरफ बढ़ा जाएगा। सरकार ने इस वर्ष अपने बजट में 1 लाख एकड़ भूमि पर प्राकृतिक कृषि का लक्ष्य निर्धारित किया है, इसके लिए कृषकों को प्रोत्साहित किया जाएगा। लोगों के दिल में से भय निकालने और विश्वास पैदा करने के लिए किसानों को सबसे पहले प्रशिक्षित किया जाएगा।

    प्राकृतिक खेती के ट्रेनर किए जाएंगे तैयार | Natural Farming

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने निर्णय लिया है कि जून माह तक प्रत्येक जिले में 500-500 किसानों को प्रशिक्षण देकर ट्रेनर बनाया जाएगा, यह ट्रेनर अपने-अपने क्षेत्र में किसानों को जागरुक करने का काम करेंगे और पूरे प्रदेश में प्राकृतिक खेती का माहौल तैयार करेंगे।

     

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