अब नहीं चलेगी आढ़तियों की दादागिरी, सीधे किसानों के खातों में जाएगा पैसा

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Now the audacity of the jobbers will not work, the money will go directly into the accounts of the farmers

धान की फसल आने पर पूर्णत: लागू होगा नया निर्णय

  • गेहूं की फसल की अदायगी में लेट लतीफी से प्रदेश सरकार नाराज
  • आढ़ती अपने बैंक खातों में जमा पैसों का किसानों को नहीं कर रहे भुगतान
सच कहूँ/अश्वनी चावला चण्डीगढ़। किसानों की फसल का भुगतान न करने के चलते हरियाणा सरकार का प्रदेश के आढ़तियों से बिल्कुल भरोसा उठ चुका है, जिस कारण सरकार ने उनकी दादागिरी नहीं चलने देने का फैसला लिया है। इस निर्णय के तहत अगली आने वाली धान की फसल का एक-एक दाना खरीद करने के बाद पैसों की अदायगी सीधा किसानों के बैंक खाते में ही जाएगी। क्योंकि गेहूं की फसल की खरीद के दौरान आढ़तियों को अदायगी के लिए पैसा दिया गया था, लेकिन आढ़तियों ने सरकार के साथ विश्वासघात करते हुए तय समय में पैसा किसानों के खातों में ही नहीं डाला। जिसके चलते एक तरफ प्रदेश सरकार की किरकिरी हो रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष प्रदेश सरकार को लगातार घेरता रहा है। इस पूरे मामले में प्रदेश सरकार ने बुधवार को निर्णय लिया कि कुछ भी हो जाए, धान की खरीद के समय से ही नया फैसला लागू हो जाएगा। जिसमें आढ़तियों को सिर्फ खरीद के समय मिलने वाला कमीशन ही मिलेगा, जबकि फसल का सारा पैसा सीधा किसानों के बैंक खातों में जाएगा।
जानकारी अनुसार देशभर में ई-खरीद करने के मामले में हरियाणा अभी तक सबसे आगे चल रहा है और इस समय प्रदेश सरकार के पास 100 फीसदी किसानों के बैंक खातों सहित अन्य जानकारियां मौजूद हैं। जिसके चलते प्रदेश सरकार किसी भी समय किसानों से फसल की खरीद करने के पश्चात पैसा उनके बैंक खातों में डाल सकती है। ई-फसल पोर्टल शुरू करने के पश्चात प्रदेश सरकार ने इस गेहूं के सीजन से ही इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट किसानों को करने का फैसला ले लिया था। परंतु प्रदेश के आढ़तियों द्वारा सरकार पर दबाव बनाने और हड़ताल पर चले जाने के कारण यह फैसला सरकार ने वापस ले लिया और पहले की तरह फसल की अदायगी सीधे किसानों को न करते हुए आढ़तियों के जरिए ही करनी शुरू कर दी। सरकार की तरफ से बनाए गए नियमों की पालना करने का विश्वास आढ़तियों द्वारा सरकार को दिया गया था, परंतु प्रदेश भर में बड़ी संख्या में आढ़तियों की तरफ से अदायगी को तय समय से देरी से किया गया है। प्रदेश सरकार की तरफ से बार-बार चेतावनी देने के बावजूद भी आढ़ती अपनी इस हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं। जिसको देखते हुए सरकार को सीधे किसानों के खातों में पैसा डालने का निर्णय लेना पड़ा है।

धान की फसल की होगी किसानों को सीधे अदायगी : पीके दास

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पी.के. दास ने कहा कि अब प्रदेश सरकार किसानों की लूट को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी। धान की फसल से ही अब किसानों को सीधा अदायगी की जाएगी। आढ़तियों की तरफ से पेमेंट नहीं करने से किसानों को लूट का शिकार होना पड़ रहा है, इसलिए अब किसानों का पक्ष देखते हुए प्रदेश सरकार यह फैसला कर चुकी है कि धान की फसल का एक-एक पैसा किसानों के खातों में ही जाएगा। पी.के. दास ने कहा कि आढ़ती का काम फसल बेचने के पश्चात अपना कमीशन लेना होता है और उसी के तहत प्रदेश सरकार किसानों की फसल की खरीद पर कमीशन आढ़तियों को देगी। जबकि फसल की अदायगी को लेकर आढ़तियों का कोई लेना-देना नहीं है। किसानों की भलाई को देखते हुए अब डायरेक्ट पेमेंट हर हालत में शुरू की जाएगी।

आढ़तियों ने रोक रखे किसानों के 890 करोड़

प्रदेश के आढ़तियों ने किसानों की मेहनत का 890 करोड़ अपने पास ही रोक कर रखा हुआ है, जिसके चलते हजारों किसानों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार की तरफ से बार-बार चेतावनी जारी करने के बावजूद आढ़ती किसानों को समय पर अदायगी नहीं कर रहे हैं। जिस कारण प्रदेश सरकार इन आढ़तियों से काफी ज्यादा खफा है।

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