अब किसानों को नहीं जलानी पड़ेगी पराली

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सराहनीय: पराली निस्तारण संयंत्र का उद्घाटन आज (Straw)

हिसार (सच कहूँ न्यूज)। धान के खेत में अब किसानों को पराली जलाने की (Straw) जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि पराली का उपयोग अब बिजली-गैस बनाने और अवशेष जैविक खेती में काम आएगा। कृषि वैज्ञानिकों ने पराली प्रबंधन संयंत्र को इजाद कर लिया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला रविवार को चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में इस संयत्र का उदघाटन करेंगे। पूर्व उप प्रधानमंत्री एवं किसान नेता चौधरी चरण सिंह व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे किसान दिवस के मौके पर आयोजित समारोह में दुष्यंत चौटाला मुख्य अतिथि होंगे।

  • दिल्ली और एनसीआर में अक्टूबर-नवंबर माह में छाने वाला स्मॉग देश भर में बड़ा मुद्दा बना था
  •  हवा की गुणवत्ता में आई कमी के लिए पराली जलाने को मुख्य वजह माना जा रहा था।
  • किसानों के पास इस पराली से निपटने के सीमित विकल्प कृषि वैज्ञानिकों के लिए सिर दर्द बने हुए हैं।
  • अब कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को पराली प्रबंधन के आधुनिक संयंत्र का आविष्कार कर लिया है।

इस संयंत्र में पराली का उपयोग बिजली व गैस का उत्पादन किया जाएग (Straw)

इस संयंत्र को हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के दीन-दयाल उपाध्याय जैविक खेती फार्म में स्थापित किया गया है। इस संयंत्र में पराली का उपयोग करबिजली व गैस का उत्पादन किया जाएगा। बचे अवशेष का प्रयोग जैविक खेतों में खाद के रूप में किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीबन एक करोड़ लागत से स्थापित इस संयंत्र में 2500 क्विंटल पराली खपाने की क्षमता है। इसकी सफलता से हरियाणा के अन्य हिस्सों में भी इस प्रकार के संयंत्र स्थापित करने के रास्ते खुलेंगे और किसानों को पराली जलाने की नौबत नहीं आएगी।

 

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