Manohar Lal Khattar: अगले वर्ष तक नहीं रहेगा एक भी बच्चा स्कूल से बाहर: खट्टर

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Manohar Lal Khattar

गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि राज्य में हर बच्चे को शिक्षा के माध्यम से देश की मुख्यधारा में लाने के लिए ‘जीरो ड्रॉप आउट’ की नीति पर काम किया जा रहा है ताकि अगले वर्ष तक प्रदेश में कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे। खट्टर ने शनिवार को यहां सेक्टर 49 स्थित सत्या स्कूल के शुभारंभ करने के उपरांत विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि इसके छह से 18 वर्ष आयु के करीब 48 लाख बच्चों के शिक्षा का स्टेटस जानने के लिए ट्रैक किया जा रहा है। उन्होंने स्कूल के नवनिर्मित भवन का अवलोकन करते हुए अलग-अलग कक्षाओं और लैब में जाकर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरक व्यक्तित्वों के बारे में भी बताया और सवाल भी पूछे।

हर खंड में ये मॉडल स्कूल होंगे

मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इससे अगले वर्ष तक राज्य के सभी 135 खंडों में दो-दो अर्थात कुल 270 पीएम-श्री स्कूल खोले जाएंगे। हर खंड में ये मॉडल स्कूल होंगे और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार इन स्कूलों में बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बच्चों को संस्कार के साथ शिक्षा देने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार की गई है जिसे देश भर में 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया लेकिन हरियाणा में इसे 2025 तक पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।

शिक्षा के मंदिरों की महत्वपूर्ण भूमिका

खट्टर ने कहा कि मनुष्य के निर्माण में शिक्षा के मंदिरों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भारत प्राचीन समय में उच्च कोटि की शिक्षा का केंद्र रहा है। अब भी देश में टैलेंट की कमी नहीं है और दुनिया की बड़ी कम्पनियों, वैज्ञानिकों, चिकित्सकों और अंतरिक्ष से जुड़े कार्यक्रमों में भारतीयों की संख्या प्रशंसनीय है। उन्होंने कोविड काल का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने उस दौर को चुनौती के रूप में स्वीकारा और भारतीय वैज्ञानिकों ने कम समय में दो-दो वैक्सीन तैयार कर दुनिया को एक नई राह दिखाई। इसी वैक्सीन से भारत दूसरे देशों की मदद करने में सक्षम साबित हुआ।

उन्होंने 21वीं सदी की शिक्षा प्रणाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समय के साथ चीजें बदलती है। राज्य में फाइव एस यानी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वावलंबन और स्वाभिमान के साथ-साथ सुशासन को भी जोड़ा गया। जिसके बीते आठ वर्ष से अधिक समय में सकारात्मक परिणाम निकले। देश में पहली बार सरकारी स्कूलों के बच्चों को टैक्नोलॉजी से जोड़ने के लिए 10वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को साढ़े पांच लाख टेबलेट वितरित किए गए। वहीं राज्य के सरकारी स्कूलों में आज स्मार्ट क्लास रूम से शिक्षा दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर चार-पांच गांवों का एक क्लस्टर बनाया गया है जिसमें एक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऐसा होगा जहां तीनों संकाय-कला, विज्ञान और वाणिज्य की पढ़ाई के साथ स्वरोजगार के लिए बच्चों का कौशल भी विकसित किया जाएगा। छात्राओं का शिक्षण संस्थानों तक आवागमन सुरक्षित बनाने के लिए छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना के तहत 150 नई बसें भी खरीदी गई हैं और हर संस्थान में छात्राओं के परिवहन के लिए एक-एक नोडल अधिकारी भी लगाया है। उन्होंने भारती फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के 40 विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा के लिए संस्था की सराहना की। सत्या स्कूल के चेयरमैन राकेश भारती मित्तल ने मुख्यमंत्री का संस्थान में पहुंचने पर स्वागत किया और हरियाणा सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों को सराहनीय बताया।

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