निर्भया दुराचार: दोषी अक्षय की सजा-ए-मौत बरकरार

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Supreme Court order on Akshay's reconsideration petition at one o'clock

सिंह ने रेयान इंटरनेशनल केस में स्कूल छात्र की हत्या का उदाहरण दिया |Supreme Court order

वकील ने कहा- वह लड़का मामले में इकलौता चश्मदीद गवाह

नई दिल्ली (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रायल  (Supreme Court order) और जांच सही हुई है और उसमें कोई खामी नजर नहीं आती। फांसी की सजा का सवाल है तो उसमें कोर्ट ने बचाव का पूरा मौमा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें याचिका में कोई ग्राउंड नहीं मिला है। इस तरह अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी गई है।

जानें आज क्या हुआ कोर्ट में

  •  वकील ए पी सिंह ने दलीलें दी और कहा कि मामले की जांच सवालों के घेरे में है।
  • उन्होंने कहा,‘हमारे पास नए तथ्य हैं। मीडिया, राजनीति और जनता के दवाब में अक्षय को दोषी ठहरा दिया गया।
  • सिंह ने कहा कि पीड़ित का दोस्त मीडिया से पैसे लेकर इंटरव्यू दे रहा था। इससे केस प्रभावित हुआ। वह विश्वसनीय गवाह नहीं था। इस पर न्यायमूर्ति भूषण ने कहा कि इसका इस मामले से क्या संबंध है।

वकील ने कहा- वह लड़का मामले में इकलौता चश्मदीद गवाह है| Supreme Court order

  • उसकी गवाही मायने रखती है। सिंह ने रेयान इंटरनेशनल केस में स्कूल छात्र की हत्या का उदाहरण दिया।
  • उन्होंने कहा,‘इस मामले मैं बेकसूर को फंसा दिया गया था।
  • अगर सीबीआई की तफ्तीश नहीं होती तो सच सामने नहीं आता। इसलिए हमने इस केस मे भी सीबीआई जांच की मांग की थी।

 

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