हरियाणा

निजी अस्पतालों के लिए नई इम्पैनलमैंट नीति जारी

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 सरकारी कर्मचारियों, पैशनर्स तथा आश्रितों को उपचार और जाँच की मिलेगी सुविधा

चंडीगढ़ (सच कहूँ ब्यूरो)। प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों, पैशनर्स तथा उनके आश्रितों के उपचार एवं जांच के लिए उत्कृष्ट निजी अस्पतालों व क्लिनिकल लैबोरेट्री के सरकारी पैनल हेतु नई इम्पैनलमैंट पॉलिसी जारी की है, जिसके तहत इच्छुक एनएबीएच या जेसीआई मान्यता प्राप्त अस्पताल व लैबोरेट्री आवेदन कर सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि नई पॉलिसी के तहत निजी अस्पतालों की पैनल अवधि अधिकतम 3 वर्ष या एनएबीएच प्रमाण पत्र समाप्ति तक मान्य होगी। अस्पतालों को एनएबीएच मान्यता प्रमाण पत्र की अवधि समाप्त होने के 3 माह में नया प्रमाण पत्र जमा करवाना होगा अन्यथा उनका सरकारी पैनल स्वत: रदद माना जाएगा। उन्होंने बताया कि नई पॉलिसी में इन लैब व अस्पतालों से किसी भी प्रकार की सुरक्षा निधि या निरीक्षण निधि नहीं जमा करवाई जाएगी।

विज ने बताया कि अस्पतालों को सरकार द्वारा समय-समय पर तय की गई 152 पैकेज की दरों, मरीजों को दाखिल करने और 2 गैर पैकेज दरों पर ही कर्मचारियों का उपचार करना होगा। इसके अलावा, एनएबीएच से मान्यता प्राप्त नए अस्पतालों को उपचार के दौरान आने वाले खर्च की अदायगी पीजीआईएमआर, चंडीगढ़ के रेट एवं शेष राशि का 75 प्रतिशत दर पर की जाएगी। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों की इम्पैनलमैंट रदद कर दी जाएगी। सरकार के पैनल पर आने वाले अस्पतालों को जन्म एवं मृत्यु संबंधी नियमों का पालन करना होगा तथा सरकार द्वारा लागू किए गए सॉफ्टवेयर को अपनाना होगा।

56 अस्पताल पैनल में शामिल

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस समय देश व प्रदेश के निजी 56 अस्पताल हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के पैनल पर हैं, जिनकी मान्यता पॉलिसी जारी होने से एक वर्ष तक जारी रहेगी। यदि ये अस्पताल इस अवधि के दौरान एनएबीएच का प्रमाण पत्र जमा करवाने में असमर्थ रहते हैं तो इनकी इम्पैनलमैंट स्वत: ही रदद समझी जाएगी तथा यदि वे एनएबीएच प्रमाण पत्र जमा करवा देते है तो उन्हें आगे 2 वर्ष के लिए मान्यता प्रदान कर दी जाएगी।

सरकारी पैनल पर आवेदन के लिए क्लिनिकल लैब को एनएबीएल प्रमाण पत्र युक्त होना आवश्यक होगा। ये लैब सरकारी या सरकार के पैनल पर अस्पतालों दाखिल या सरकार द्वारा अधिसूचित 18 क्रोनिक बीमारियों की जांच के बिलों की अदायगी की जाएगी। इसके लिए सभी अस्पताल या लैब निर्धारित प्रोफार्मा पर स्वास्थ्य महानिदेशक को आवेदन कर सकते हैं।

अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री

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