परदेस मेरा हरियाणा

0
Haryana

देता है इतिहास गवाही, यह रिसियों का ठिकाणा।
धार्मिक प्रवृत्ति का, परदेस मेरा हरियाणा।। Haryana

इसलिए कहते हरियाणा, आए आप हरि।
परशुराम और बेदव्यास नै, यहाँ तपस्या करी।
तपो भूमि तीर्थों से भरी, है धर्मस्वरूपी बाणा।
धार्मिक प्रवृत्ति का, परदेस मेरा हरियाणा।।

द्रोणाचार्य का आश्रम, गुरुग्राम बतलाया।
कौरव-पाण्डवों को धनुर्विद्या का, ज्ञान यहाँ सिखाया।
कर्ण न करनाल बसाया और पेहवा धाम पुराणा।
धार्मिक प्रवृत्ति का, परदेस मेरा हरियाणा।।

सारी दुनिया जाणै सै, कुरुक्षेत्र स्थान नै।
गीता का उपदेश दिया, खुद कृष्ण भगवान नैं।
सुण गीता के ग्यान नै, वो अर्जुन होग्या स्याणा।
धार्मिक प्रवृत्ति का, परदेस में हरियाणा।।

पूर्व म्हं उत्तर प्रदेश, पश्चिम म्हं पंजाब जान।
उत्तर म्हं हिमाचल, दक्षिण म्हं है राजस्थान।
जय जवान-जय किसान, ‘भीमसिंह’ कथ गाणा।
धार्मिक प्रवृत्ति का, प्रदेश मेरा हरियाणा।।

महाशय भीमसिंह लिसानिया

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।