एमएसजी हेल्थ टिप्स: पाएं माइग्रेन से छुटकारा

0
माइग्रेन एक प्रकार का सिरदर्द है, जिसके कारण कई घटों तक सिरदर्द बना रहता है। माइग्रेन दिमाग में रसायनों के असंतुलन के कारण होता है। मौसम में बदलाव से भी माइग्रेन हो सकता है। कभी-कभी यह दर्द अचानक शुरू होता है और अपने आप ठीक भी हो जाता है। माइग्रेन होने पर तनाव, बेचैनी और थकान होती है। माइग्रेन उम्र के किसी भी पड़ाव में हो सकता है।

मालिश व लेप-

अगर माइग्रेन हो तो सबसे पहले हल्के हाथों से मालिश करनी चाहिए। हाथों के स्पर्श से मिलने वाला आराम किसी भी दवा से ज्यादा असर करता है। सिरदर्द होने पर कंधों और गर्दन की मालिश भी करनी चाहिए, इससे दर्द से राहत मिलती है।

  1. एक तौलिये को गर्म पानी में भिगोकर, उस गर्म तौलिये से दर्द वाले हिस्से की सिकाई कीजिए। कुछ लोगों को इसी तरह ठंडे पानी से की गई मालिश से भी आराम मिलता है। माइग्रेन में बर्फ के टुकड़ों का भी प्रयोग किया जा सकता है।
  2. माइग्रेन में दर्द होने पर कपूर को घी में मिलाकर सिर पर हल्के हाथों से कुछ देर तक मालिश कीजिए।
  3. नीम्बू के छिलके को पीसकर, इसका लेप माथे पर लगाने से माइग्रेन में होने वाले सिरदर्द से राहत मिलती है और माइग्रेन ठीक होता है।
  4. माइग्रेन में सिरदर्द होने पर धीमी आवाज में संगीत सुनना बहुत फायदेमंद होता है। दर्द से राहत पाने के लिए बंद कमरे में धीमी आवाज में अपने पसंदीदा संगीत को सुनिए, सिरदर्द कम होगा और आपको राहत मिलेगी।
  5. भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए।
  6. पर्याप्त नींद लें। अधूरी नींद या ज्यादा सोने से भी माइग्रेन बढ़ सकता है।
  7. गलत तरीके से उठने-बैठने या सोने से आप की पीठ, गर्दन या सिर से जुड़ी नाड़ियों में दबाव के कारण भी माइग्रेन का दर्द बढ़ सकता है। हमेशा काम करते वक्त व बैठते वक्त शरीर का पोश्चर सही रखें।
  8. संतुलित आहार लें व ज्यादा समय तक भूखे पेट ना रहें।
  9. हर रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
  10. तेज धूप में बाहर ना जाएं।
  11. तेज रोशनी की तरफ ना देखें। गर्मी के दिनों में बाहर जाते वक्त टोपी या छाता इस्तेमाल करें।
  12. ज्यादा समय तक कम्प्यूटर व मोबाइल पर काम करने या गेम खेलने से बचें।
  13. ज्यादा नज़दीक से टीवी या कम्प्यूटर ना देखें।
  14. कम रोशनी या धुँधली जगह पर काम ना करें।
  15. माइग्रेन में माथे पर विक्स लगाएं, फिर तौलिए से ढककर भाप लें, इससे आराम मिलता है।
  16. तेज गंध वाली जगह पर ना जाएं। तेज गंध वाले इत्र व डियोड्रैंट ना लगाएं।
  17. तनावयुक्त रहने की कोशिश करें। योग, प्राणायाम व रूहानी भजन सुनकर मन को शांत रखने की आदत डालें। सदा खुश रहें।

‘‘सदा खुश रहो जैसे 10-10 पर टिकी घड़ी की सुईयां मुस्कुराते हुए सकारात्मक चेहरे को दर्शाती हैं। मिलनसार बनो। ज्यादा रिजर्व मत बनो। बेवजह चिंता करने से मुश्किलें कम नहीं होंगी बल्कि यह आपके सोचने की शक्ति कम करके आपको तनाव की तरफ ले जाएगी।’’
-पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।