मानसून के सामान्य रहने की उम्मीद: मौसम विभाग

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Monsoon

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में सचिव डॉ. एम. राजीवन ने आज यह पूवार्नुमान जारी किया

(Dr. M. Rajeevan)

  • वर्षा की कमी 9 प्रतिशत होगी

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देश में इस वर्ष मानसून के सामान्य रहने की उम्मीद जतायी है। मौसम विज्ञान विभाग ने देश में मानसून के बारे में अपने पहले पूवार्नुमान में कहा है, ‘दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) सीजन की वर्षा कुल मिला कर पूरे देश के लिए सामान्य (96-104 प्रतिशत) रहने का अनुमान है। (Dr. M. Rajeevan) पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में सचिव डॉ. एम. राजीवन ने आज यह पूवार्नुमान जारी किया। इस अवसर पर विभाग के महानिदेशक डा एम. महापात्रा भी उपस्थित थे। विभाग ने देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आरंभ, प्रगति एवं वापसी की नई सामान्य तिथियां भी जारी कीं।

डॉ. राजीवन ने कहा कि मात्रा के लिहाज से दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) सीजन की वर्षा के 5 प्रतिशत की मामूली त्रृटि के साथ लंबी अवधि औसत (एलपीए) का 100 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ऐसा अनुमान है कि वर्षा की कमी 9 प्रतिशत होगी। यह पूवार्नुमान सांख्यिकी माडल पर आधारित है, यह संकेत देता है कि देश में मानसून सामान्य रहेगी। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से दूसरे चरण का पूवार्नुमान मई के अंतिम सप्ताह या जून के पहले सप्ताह में जारी किया जायेगा।

जून के प्रथम सप्ताह में मानसून आने की उम्मीद

डॉ. राजीवन ने बताया कि ला नीनो या पूर्व-मध्य प्रशांत महासागर में सामान्य से ठंडी समुद्री सतह पारंपरिक रूप से बेहतर मानसून वर्षा और भारत में ठंडी हवाओं से जुड़ी है जबकि एल नीनो देश में सामान्य से नीचे वर्षा के साथ जुड़ा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून जो देश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को पूरा करता है, सामान्य रूप से जून के प्रथम सप्ताह में पहले केरल के दक्षिणी सिरे तक पहुंचता है और सितंबर तक राजस्थान से वापस पीछे हट जाता है।

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