नीरज की कविता के जरिये कोरोना से लड़ने का संदेश

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Coronavirus Poem

नयी दिल्ली। मशहूर कथक डांसर शोभना नारायण ने कोरोना महामारी (कोविड-19) के प्रसार कर रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के मद्देनजर सरकार से देश के गरीब कलाकारों को सहायता देने की अपील की है और कहा है कि रचनात्मकता के जरिये भी इस महामारी से लड़ा जा सकता है और विजयी हुआ जा सकता है। पद्मश्री से सम्मानित श्रीमती नारायण ने अपने नृत्य और अभिनय के जरिए एक ऐसा वीडियो तैयार किया है जिसमें उन्होंने लोगों से लॉकडाउन में अपने जीवन में ‘सकारात्मकता’ और ‘उम्मीद’ बनाये रखने की अपील की है।

‘मेरे देश उदास ना हो’ का संदेश दिया | Coronavirus Poem

संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित श्रीमती नारायण ने मशहूर गीतकार गोपालदास नीरज की कविता पर नृत्य और अभिनय कर ‘मेरे देश उदास ना हो’ का संदेश दिया है । उन्होंने कहा है कि कोरोना ने पूरे विश्व में भय का माहौल बना दिया है और कोई भी इससे परे नहीं है। हमारे देश के कोने-कोने में लोग इससे त्रस्त हैं लेकिन हमें मायूस होने की जरूरत नहीं है क्योंकि एक दिन सुबह तो आएगी। हमें अपने भीतर उत्साह और साहस के साथ एक दीया जलाना है। यह दीया जीवन जीने के साथ-साथ मानवता की भी रोशनी हमें दे।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान देश के गरीब कलाकारों की भी मदद करने की जरूरत है ताकि वह अपने जीवन को सुचारू रूप से व्यतीत कर सकें। उन्होंने देश के कलाकारों से यह भी अपील की कि वे अपनी कला के जरिये सोशल मीडिया पर लोगों को यह संदेश दे कि लॉकडाउन के दौरान में घबराने और हिम्मत नहीं हारने की जरूरत है। लोग मानसिक अवसाद में ना आए बल्कि इस संकट का डट कर मुकाबला करें और अपनी रचनात्मकता को बनाए रखें। इसके अलावा हर व्यक्ति एक दूसरे को कोरोना से लड़ने की प्रेरणा दे।

 

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