मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के युवाओं से किया आह्वान

manohar lal khattar

जाति, मजहब से ऊपर उठकर कोरोना के खिलाफ एक होकर चलें

चण्डीगढ़ (सच कहूँ ब्यूरो)। Haryana Samachar in Hindi: हरियाणा के मुख्यमंत्री Manohar Lal Khattar ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आजकल कोरोना को लेकर समाज के विघटन की भी कई खबरें सोशल मीडिया पर आती हैं तो हमें इस समय पर जाति, मजहब, क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर सब लोगों को एक होकर चलना है और यही संदेश हमें लगातार देना है तथा यही हमारा राष्ट्रीय दायित्व हैं। उन्होंने कहा कि हम लगातार यह कोशिश करते रहेंगे तो हम उचित कदमों को आगे बढ़ा पाएंगे।

सोशल मीडिया पर चल रही विघटन की खबरों से सावधान रहने की सलाह

मुख्यमंत्री शनिवार को यहां नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के चलते किए गए लॉकडाउन के तहत लाईव टेलीविजन पर राज्य के लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) को लेकर वर्तमान परिस्थिति के तहत लॉकडाउन केदौरान भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू जैसे वीरों की कहानियों को याद करते हुए हमें ऐसा काम करना चाहिए कि लाकडाउन समाप्त होने पर हमें अपने ऊपर गर्व हों।

डरना नहीं है, साहस बनाए रखें

उन्होंने कहा कि आजकल हर तरफ से कोरोना की ही खबरें आ रही हैं और हमको कोरोना से डरना नहीं हैं, घबराना नहीं है और अपना साहस बनाए रखना है तथा समय का उपयोग करते हुए अपनी वास्विकता और यथार्थ को पहचानाना है। उन्होंने कहा कि हमारे पास सही जानकारियों होनी चाहिए और अपने से छोटें व बडों में आपस में सांझा करनी चाहिए और यदि हम सही जानकारियां आपस में सांझा करेंगें तो यह घबराहट समाप्त होगी।

दैनिक कार्यों की बनाएं सूची

मुख्यमंत्री ने युवाओं को सुझाव देते हुए कहा कि वे प्रतिदिन एक दैनिक कार्य की सूची बनाकर अपनी दिनभर की गतिविधियों जैसे पढ़ाई, ध्यान, योग, मनोरंजन इत्यादि के लिए समय को निश्चित करें। यदि हम ये सभी काम करेंगे तो हम अपनी सोच को सही दिशा दे पाएंगें।

मुश्किल वक्त में कमांडों की तरह बनें

उन्होंने कहा कि ऐसा कहा जाता है कि ‘मुश्किल वक्त, कमांडो सख्त’ और युवा एक कमाण्डों की तरह हैं और आज जब यह मुश्किल समय आया है तो हमारी सोच भी कमाण्डों की तरह होनी चाहिए तभी हम इस परिस्थिति का मुकाबला सफलतापूर्वक कर पाएंगें।

घर में रहकर पढ़ाई भी करें

मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि लाकडाउन के इन दिनों को छुटियां न मानें बल्कि घर में रहकर एक-एक दिन का प्रयोग पढ़ाई के लिए करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने की कोई सीमाएं नहीं होती है और यह किसी भी प्रकार और किसी भी समय पर ली जा सकती है और अब सेल्फ लर्निंग, लर्निंग बाय ई-बुक्स, सेल्फ स्टडी के साथ-साथ स्कूल और कॉलेज के अध्यापक अपने लैक्चर व पाठयक्रम रिकार्ड करते हैं और आजकल एलएमएस का साफटवेयर भी आ गया है, उसका भी प्रयोग किया जा सकता हैं।

गलतफहमी में न रहें

उन्होंने युवाओं को सचेत करते हुए कहा कि युवा वायरस को लेकर गलतफहमी में रहते हैं और सोचते हैं कि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है वायरस हमारा क्या बिगाड़ेगा, लेकिन खतरे को न स्वीकार करना अपने आपमें एक नया खतरा होता है।

 

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