19 जुलाई को मामले की अगली सुनवाई
- बचाव पक्ष ने चालान स्क्रूटनी के लिए मांगा समय
पंचकूला/चंडीगढ़(सच कहूँ ब्यूरो)। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा बेशक फिर से प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के सपने को पूरा करने के लिए प्रदेश की गली-गली छान रहे हों लेकिन पूर्व की सरकार के दौरान हुए घोटाले उनका पीछा नहीं छोड़ रहे। मानेसर जमीन घोटाला मामला उनके गले की फांस बनता नज़र आ रहा है। वीरवार को इस मामले में हुड्डा एवं 34 अन्य आरोपी पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में पेश हुए।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुनवाई में चालान की चैकिंग जारी रही। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 19 जुलाई तय की है। माना जा रहा है कि चालान की चैकिंग जल्द पूरी हो सकती है जिसके बाद चालान की कॉपी सभी आरोपियों को दे दी जाएगी और तभी सभी आरोपियों पर आरोप तय हो सकते हैं।
हुड्डा पर ये हैं आरोप
अगस्त 2014 में निजी बिल्डरों ने तत्कालीन हुड्डा सरकार ने कथित तौर पर अज्ञात लोगों के साथ मिलकर गुड़गांव जिले में मानसेर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के किसानों और भूस्वामियों को अधिग्रहण का भय दिखाकर उनकी करीब 400 एकड़ जमीन औने-पौने दाम पर खरीद ली थी। हुड्डा के कार्यकाल के दौरान करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे बिल्डर्स को औने-पौने दाम पर बेचने का आरोप हैं।
मनी लांड्रिंग का केस भी हुड्डा के खिलाफ
सीबीआई ने इस कथित जमीन घोटाले में हुड्डा व 34 अन्यों के खिलाफ 17 सितंबर 2015 को मामला दर्ज किया था। वहीं हुड्डा पर इनफोर्समेंट डायरैक्टोरेट (ईडी) ने सही एक वर्ष बाद सितंबर 2016 में हुड्डा पर मनी लांड्रिंग का केस भी दर्ज कर दिया।