हमसे जुड़े

Follow us

21.6 C
Chandigarh
Saturday, March 28, 2026
More
    Home सच कहूँ विशेष स्टोरी जोड़किया गांव ...

    जोड़किया गांव की पहली सब इंस्पेक्टर बनी मैना बोधि

    Maina Bodhi becomes Sub Inspector

    सफलता: पिता का सपना किया पूरा, आईपीएस बनकर देश की सेवा

    • महिला वर्ग में 93वी तथा एससी महिला वर्ग में प्राप्त की फर्स्ट रैंक

    हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। मन में कुछ कर गुजरने जज्बा, जोश और जुनून हो तो इंसान कोई भी मुकाम हासिल कर सकता है। जी हां…यह कर दिखाया है। हनुमानगढ़ जिले के जोड़किया गांव की मैना बोधि ने। जोड़किया गांव के सरकारी स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने वाली मजदूर वर्ग से ताल्लुक रखने वाले परिनिर्वाण प्राप्त रामलाल मेघवाल की पुत्री मैना बोधि ने सब इंस्पेक्टर परीक्षा-2016 मे अनूसूचित महिला वर्ग मे फर्स्ट रैंक तथा महिला वर्ग 93वीं रेंक प्राप्त कर गांव का नाम रोशन किया।

    मैना का सपना है कि वह आईपीएस आफिसर बनकर  देश की सेवा करना चाहती है। सन 2015 में बीए के बाद लगातार सूरतगढ़ में भाटिया आश्रम में प्रवीण भाटिया के सानिध्य में पूरी निष्ठा से तैयारी की और फिजिकल की तैयारी शहीद भगत सिंह एकेडमी सूरतगढ़ सलीम सर से की उन्होंने बताया की परीक्षा दौरान 10से 14घंटे रोज तैयारी को समय देती थी। पिता का सपना था की उनकी बेटी अफसर बने।

    निर्वाण प्राप्त रामलाल की पुत्री मैना ने गरीबी में पलकर कड़ी मेहनत और संघर्ष कर यह कामयाबी हासिल की है। मैना अपनी तीन बहनों और दो भाईयों में सबसे छोटी है। पिता के निर्वाण प्राप्ति के मैना ने जोधपुर में कार्यरत अपने बड़े भाई गगन बोधि की निर्देश में सब इंस्पेक्टर परीक्षा की तैयारी की आगे बढ़ाया। अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता, अपने गुरुजनों और अपने छोटे भाई गगन बोधि तथा अपने आदर्श महापुरुष संविधान निर्माता बोधिसत्व बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर को दिया।

    वर्तमान दौर में सोशल मीडिया से युवा दिशा भ्रमित हो रहा है : मैना

    मैना ने बताया की नियमित अध्ययन और दृढ़ इच्छाशक्ति से कठिन मेहनत की जाए तो कोई भी परीक्षा उत्तीर्ण की जा सकती है। बशर्ते पूरी ईमानदारी और दृढ़ संकल्पित होकर लक्ष्य निर्धारित कर नियमित रुप से अध्ययन करें। उन्होंने युवाओं से नशें से दूर रहने की बात कहीं। वर्तमान दौर में सोशल मीडिया से युवा दिशा भ्रमित हो रहा है। इसलिए ज्यादा सोशल मीडिया के इस्तेमाल से बचें और लक्ष्य निर्धारित पर कठिन मेहनत के साथ अध्ययन करें तो सफलता जरुर मिलती है। उन्होंने बताया की असफलता से निराश नहीं होना चाहिए बल्कि और भी अधिक ऊर्जा के साथ तमाम कमियों को दूर करते हुए आगे की तैयारी करनी चाहिए।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।