स्वास्थ्यवर्धक गुणों का खजाना है बथुआ

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बथुवा अंग्रेजी में Lamb’s Quarters

वैज्ञानिक नाम Chenopodium album

चिकित्सा क्षेत्र में 40 साल का अनुभव रखने वाले एवं आयुर्वेदा विशेषज्ञ बीएएमएस, एमडी डॉ. लक्ष्मी दत्त शुक्ला कहते हैं कि हम लोग खाने-पीने को लेकर अपने अपने स्वाद के हिसाब से चीजों में नुक्स और फायदे ढूंढते हैं। लेकिन यह नहीं जानते कि जिन चीजों को हम अपने स्वाद के लिए छोड़ देते हैं, उनमें कई ऐसे गुण मौजूद होते हैं, जो हमें बीमारियों से बचा कर रखते हैं। जैसे हरी सब्जियाँ और फल। आज हम ऐसी ही एक हरी सब्जी के बारे में बात करेंगे, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, लेकिन उसके गुण हमारे शरीर के लिए बेहद लाभदायक हैं। तो आइये जानते हैं एक ऐसे ही पौधे बथुए (Lamb’s Quarters) के बारे में।
बथुआ एक पौधा मात्र ही नहीं है। इसका सेवन सब्जी के रूप में किया जाता है और भी कई तरह से इसका उपयोग हमारे शरीर के लिए कई तरह से उपयोगी है। इसमें ऐसे कई औषधीय गुण होते हैं, जो इसको खास बनाते हैं और इसके सेवन या उपयोग करने से हमें दवाओं का सामना करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
बथुवा अनादि काल से खाया जाता रहा है, लेकिन क्या आपको पता है कि विश्व की सबसे पुरानी महल बनाने की पुस्तक शिल्प शास्त्र में लिखा है कि हमारे बुजुर्ग अपने घरों को हरा रंग करने के लिए प्लस्तर में बथुवा मिलाते थे और हमारी बुजुर्ग सिर से जूएं व फांस (डैंड्रफ) साफ करने के लिए बथुवे के पानी से बाल धोया करती। बथुवा गुणों की खान है।

बथुए के कौन-कौन से विटामिन और मिनरल्स

बथुवा विटामिन बी1, बी2, बी3, बी5, बी6, बी9 और विटामिन ‘सी’ से भरपूर है तथा बथुवे में कैल्शियम, लोहा, मैग्नीशियम, मैगनीज, फास्फोरस, पोटाशियम, सोडियम व जिंक आदि मिनरल्स पाए जाते हैं। 100 ग्राम कच्चे बथुवे यानि पत्तों में 7.3 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 4.2 ग्राम प्रोटीन व 4 ग्राम पोषक रेशे होते हैं। कुल मिलाकर 43 केसीएल होती है।

प्रोटीन का खजाना है बथुए का रायता

जब बथुवा शीत (मट्ठा, लस्सी) या दही में मिला दिया जाता है तो यह बहुत ज्यादा प्रोटीन वाला व किसी भी अन्य खाद्य पदार्थ से ज्यादा सुपाच्य व पौष्टिक आहार बन जाता है। जब हम बीमार होते हैं तो आजकल डॉक्टर सबसे पहले विटामिन की गोली ही खाने की सलाह देते हैं। गर्भवती महिला को खासतौर पर विटामिन बी, सी व आयरन की गोली बताई जाती है और बथुवे में ये सभी तत्व विद्यमान हैं। कहने का तात्पर्य है कि बथुवा पहलवानों से लेकर गर्भवती महिलाओं तक, बच्चों से लेकर बूढ़ों तक, सबके लिए अमृत समान है।

रोगों का रामबाण इलाज

यह साग प्रतिदिन खाने से गुर्दों में पथरी नहीं होती। बथुआ आमाशय को बलवान बनाता है, गर्मी से बढ़े हुए यकृत को ठीक करता है। बथुए के साग का सही मात्रा में सेवन किया जाए तो निरोग रहने के लिए सबसे उत्तम औषधि है। बथुवे में जिंक होता है जो कि जिस्मानी कमजोरी को दूर करता है। बथुवा कब्ज दूर करता है और अगर पेट साफ रहेगा तो कोइ भी बीमारी शरीर में लगेगी ही नहीं, ताकत और स्फूर्ति बनी रहेगी।
कहने का तात्पर्य कि जब तक इस मौसम में बथुए का साग मिलता रहे, नित्य इसकी सब्जी खाएं। बथुए का रस, उबाला हुआ पानी पीएं और तो और यह खराब लीवर को भी ठीक कर देता है। पथरी हो तो ग्रीन जूस में मिलाकर नित्य पीने से पथरी टूटकर बाहर निकल आएगी।

पेशाब के रोगी के लिए सर्वश्रेष्ठ

आपने अपने दादा-दादी से ये कहते जरूर सुना होगा कि हमने तो सारी उम्र अंग्रेजी दवा की एक गोली भी नहीं ली। उनके स्वास्थ्य व ताकत का राज यही बथुवा ही है।

पेट से जुड़ी समस्याएं दूर करता है

बथुए के रस में नमक मिला कर सेवन करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं और पेट की कई बीमारियों का निदान होता है। पेट दर्द में भी यह आराम देता है।

रूसी और जुओं से दिलाता है निजात

सिर में अक्सर गंदगी के कारण रूसी और जुओं के होने की समस्या देखी जाती है। इन सब से आसानी से निपटने के लिए आपको बस बथुए और नींबू को पानी में उबाल कर उससे सिर धोना है, इससे इस समस्या का निदान होता है।

यूरिन संबंधी समस्या का निवारण

अक्सर पानी की कमी के कारण या फिर किसी और कारण से यूरिन में जलन और दर्द की शिकायत होने लगती है। बथुए में नमक जीरा और नींबू को उबाल कर उसके सेवन से इस समस्या का निवारण होता है।

पथरी से दिलाए छुटकारा

बथुए के रस में चीनी मिला कर पीने से पथरी की समस्या आसानी से हल हो जाती है।

बुखार ठीक करने में मददगार

अगर आपको मलेरिया है या बुखार है तो बुखार का सेवन आपके लिए लाभकारी है, इसको पीने से बुखार चला जाता है।

त्वचा के लिए भी अच्छा

बथुए के रस के नियमित सेवन से आपको त्वचा संबंधी बीमारी या समस्या जैसे कील मुंहासे, फोड़े, दाद, खाज, खुजली की समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

मुंह की समस्या दूर करता है

अगर आपको मुँह से संबंधित कोई भी समस्या है तो इसकी पतियों को चबाने से उसका निवारण होता है।

 

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