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38 घंटे से LG दफ्तर में धरने पर केजरीवाल, मनीष सिसोदिया भी अनशन

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नई दिल्ली (एजेंसी)। 

दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार और उपराज्यपाल के बीच लंबे वक्त से चली आ रही खींचतान अब बयानबाजी के बाद सीधे एलजी दफ्तर तक पहुंच गई है।  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पिछले करीब 38 घंटों से अपनी मांग पूरी न होने का दावा करते हुए उपराज्यपाल के दफ्तर में धरने पर बैठे हुए हैं।  उनके साथ तीन मंत्री भी हैं।  जिनमें से सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

अरविंद केजरीवाल अपने मंत्रियों के साथ सोमवार शाम 5.30 बजे उपराज्यपाल से मिलने पहुंचे थे और मांगें पूरी न होने पर उसके बाद से वह अपने मंत्रियों के साथ एलजी दफ्तर में धरने पर बैठे हुए हैं.। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भूख हड़ताल शुरू की थी।  जिसके बाद बधुवार को मनीष सिसोदिया ने भी अनशन का ऐलान कर दिया है।

सिसोदिया ने शुरू की भूख हड़ताल

सत्येंद्र जैन के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी आज भूख हड़ताल शुरू कर दी है।  उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।  सिसोदिया ने लिखा है, ‘दिल्ली की जनता को उसका हक दिलाने और उसके रुके हुए काम कराने के लिए आज से मैं भी अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ रहा हूं। सत्येंद्र जैन जी का अनशन भी कल से जारी है।  हमारा आत्मबल और जनता का विश्वास ही हमारी ताकत है। ‘

अरविंद केजरीवाल समेत डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और गोपाल राय अपनी तीन मांगों को लेकर विरोध कर रहे हैं. मंगलवार रात केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘एलजी हाउस में हमारी दूसरी रात. हम यहां इसलिए हैं क्योंकि हमें दिल्ली से प्यार है और हम उसकी कद्र करते हैं।  हम चाहते हैं कि दिल्ली और बेहतर बने।  हमें दुख होता है कि कई अच्छे कदम अटके पड़े हैं. चलिए, अपनी प्यारी दिल्ली को बेहतर बनाएं एलजी सर साथ मिलकर ऐसा करते हैं। ‘

आम आदमी पार्टी ने एलजी दफ्तर के बजाय अब मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन करने की रणनीति तैयार की है।  केजरीवाल अपने मंत्रियों के साथ अब 6 फ्लैग स्टाफ रोड यानी सीएम आवास पर धरना करेंगे।  आम आदमी पार्टी ने अपने विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को सीएम आवास पर पहुंचने के लिए संदेश जारी किया है।

ये हैं AAP की 3 मांगें

– एलजी खुद IAS अधिकारियों की गैरकानूनी हड़ताल तुरंत खत्म कराएं, क्योंकि वो सर्विस विभाग के मुखिया हैं.

– काम रोकने वाले IAS अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लें.

– राशन की डोर-स्टेप-डिलीवरी की योजना को मंजूर करें.

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