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बच्चा एक ही काफी वरना दो के बाद माफी

Child only after one or two forgiveness

विश्व जनसंख्या दिवस: 1 अरब 36 करोड़ के हो गए हम हिन्दुस्तानी

  • बढ़ती आबादी, देश की बर्बादी…

भारत की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, हर जगह भीड़ ही भीड़ नजर आती है। देश की आबादी ज्यादा है और संसाधन कम। नतिजा हर तरफ अफरा-तफरी मची है। जनसंख्या के साथ समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य सुविधाएं हो, रेलव का सफर हो या बढ़ती भूखमरी, ये ब्यां करने के लिए काफी है कि आबादी बढ़ने से किस कदर देश में बदहाली बढ़ी है। बढ़ती जनसंख्या से बेराजगारी सबसे ज्यादा बढ़ी है। देश का एक बड़ा तबका आज बेरोजगार है। महकमा कोई भी हो, सीट कम होती और आवेदन करने वाले ज्यादा। रोजगार के साधन पैदा करना हर सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होती रही है। पढ़े लिख लोग तो धक्के खा ही रहे हैं। मेहनत-मजदूरी करने वालों को भी काम नसीब नहीं हो रहा है।

अब वो भी इसी तलाश में होते हैं कि एक दिन काम मिल जाए और रात में उनके घर का चूल्ला चल जाए। अब बात करते हैं विश्व में तेजी से बढ़ती जनसंख्या की। वर्तमान में संपूर्ण धरा की कुल आबादी 7,71,65,69,887 अरब का भी आंकड़ा पार कर चुकी है। जिसमें से 1.42 अरब जनसंख्या के साथ चीन दुनियाभर में पहले नंबर पर है जबकि मंगलवार 10 जुलाई 2019 दोपहर करीब 12 बजे तक अकेले भारत की आबादी 2010 से 2019 के बीच 1.2 की औसत वार्षिक दर से बढ़कर 1,36,90,97,970 का आंकड़ा पार कर चुकी है। वर्ल्डमीटर डॉट इन्फो पर मंगलवार 10 जुलाई 2018 को दोपहर करीब 12 बजे तक दुनिया की आबादी 7,71,65,69,887 आंकी गई।

बुधवार को आंकी गई हिन्दुस्तान की जनसंख्या  1,36,90,97,970

  • 1975 में चला ‘नसबंदी’ अभियान आज भी यादगार

सच कहूँ, देवीलाल बारना कुरुक्षेत्र। एमरजैंसी के समय हिंदुस्तान में एक दौर ऐसा चला कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जनसंख्या नियंत्रण हेतु अभियान चलाया व पुरुषों की नसबंदी की गई। हालांकि इस अभियान को उस समय हिटलर नीति से जोड़कर देखा गया था, लेकिन इस अभियान से देश की जनसंख्या काफी कंट्रोल में हुई।  आपातकाल के दौरान जोर-शोर से चलाए गए नसबंदी अभियान से पूरे देश में हंगामा हो गया और कांग्रेस को सत्ता से बाहर होना पड़ा। बताया जाता है कि इस अभियान के समय में कई जगह पुलिस द्वारा गांवों को घेरने और दो बच्चों के पिता को जबरन खींचकर उनकी नसबंदी करने की भी खबरें आर्इं। जानकारों के मुताबिक इस अभियान में करीब 62 लाख लोगों की नसबंदी हुई थी।

  • संजय गांधी के दिमाग की उपज थी नसबंदी अभियान

जानकारों के अनुसार नसबंदी तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी के दिमाग की उपज थी। उस वक्त जनसंख्या बहुत ही तेजी से बढ़ रही थी। संजय गांधी की सोच थी कि देश को आगे बढ़ाना है ते जनसंख्या को बढ़ने से रोकना बहुत जरूरी है।

  • गंभीर थी सरकार, सख्त थे आदेश

सबको सूचित कर दीजिए कि अगर महीने के लक्ष्य पूरे नहीं हुए तो न सिर्फ वेतन रुक जाएगा बल्कि निलंबन और कड़ा जुर्माना भी होगा। सारी प्रशासनिक मशीनरी को इस काम में लगा दें और प्रगति की रिपोर्ट रोज वायरलैस से मुझे और मुख्यमंत्री के सचिव को भेजें। यह टेलीग्राफ एक संदेश आपातकाल के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने अपने अफसरों को भेजा था। संदेश में जिस लक्ष्य की बात की गई है वह नसबंदी का था।

  • 1933 में जर्मनी में चलाया गया था ऐसा ही अभियान

1933 में जर्मनी में भी ऐसा ही एक अभियान चलाया गया था। इसके लिए एक कानून बनाया गया था जिसके तहत किसी भी आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की नसबंदी का प्रावधान था। तब तक जर्मनी नाजी पार्टी के नियंत्रण में आ गया था। इस कानून के पीछे हिटलर की सोच यह थी कि आनुवंशिक बीमारियां अगली पीढ़ी में नहीं जाएंगी तो जर्मनी इंसान की सबसे बेहतर नस्ल वाला देश बन जाएगा जो बीमारियों से मुक्त होगी। बताते हैं कि इस अभियान में करीब चार लाख लोगों की नसबंदी कर दी गई थी।

  • डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने एक ही बच्चे को जन्म देने का लिया हुआ है लिखित में संकल्प

देश में जनसंख्या वृद्धि से निपटने में मानवता भलाई कार्यों में अग्रणी सर्वधर्म संगम डेरा सच्चा सौदा का योगदान अवर्णननीय है। डेरा सच्चा सौदा के लाखों परिवारों ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन मार्गदर्शन में एक ही बच्चे को जन्म देने का लिखित में संकल्प लिया हुआ है। 26 जनवरी 2011 को पूज्य गुरु जी ने देश में बढ़ती जनसंख्या पर चिंता जाहिर करते हुए परिवार नियोजन को लेकर ‘हम एक हमारा एक’ और ‘बच्चा एक ही काफी, वरना दो के बाद माफी’ का नारा दिया। इतना ही नहीं डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए जा रहे 134 मानवता भलाई कार्यों में से 62वां कार्य ‘एकम सुखम’ के तहत जनसंख्या नियंत्रण हेतु डेरा अनुयायियों द्वारा जागरूकता रैली व शिविर लगाकर लोगों को एक ही बच्चे के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

2030 तक जनसंख्या में चीन को पीछे छोड़ दुनिया में नंबर वन होंगे हम

  • जनसंख्या में ये हैं दुनिया के टॉप 10 देश

  • चीन 1,42,01,84,936
  • भारत 1,36,90,97,970
  • अमेरिका 3,29,15,03,73
  • इंडोनेशिया 26,96,03,939
  • ब्राजील 21,24,30,323
  • पाकिस्तान 20,46,89,988
  • नाइजीरिया 20,10,88,504
  • बांग्लादेश 16,81,07,660
  • रूस 14,38,93,861
  • मैक्सिको 13,23,66,630

 

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